फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttarakhand ›   Dehradun News ›   Land mafia's nexus: land documents disappeared from revenue archives

भूमाफिया की सांठगांठ : राजस्व अभिलेखागार से गायब हो गए जमीन के दस्तावेज

Fri, 07 Jul 2023 01:53 AM IST
Dehradun Bureau देहरादून ब्यूरो
Updated Fri, 07 Jul 2023 01:53 AM IST
विज्ञापन
Land mafia's nexus: land documents disappeared from revenue archives
राजस्व अभिलेखागार से 25 साल पुरानी जमीन के दस्तावेज गायब हो गए हैं। चंद्रबहादुर सिंह की अतिरिक्त भूमि को सरकारी स्वामित्व में लेने के बाद इसका कुछ हिस्सा किसानों को दिया गया था। एक किसान को भी इसमें हिस्सा मिला लेकिन कागज उन्हें नहीं मिले। अभिलेखागार में तलाश कराने पर पता चला, भूमाफिया ने सांठगांठ कर दस्तावेज गायब करा दिया है। अब डीएम ने प्रशासनिक जांच के बाद मुकदमा दर्ज कराने के आदेश दिए हैं।
विज्ञापन

मौजा रैनापुर के प्रेमलाल ने डीएम सोनिका से शिकायत की थी कि वर्ष 1995-96 उन्हें सीलिंग की जमीन मिली थी। लेकिन, दस्तावेज नहीं मिलने से जमीन की पहचान नहीं हो पा रही है और न ही वह उस पर दावा कर पा रहे हैं। डीएम के आदेश पर राजस्व अभिलेखागार में जमीन के दस्तावेज तलाशे गए। कई महीने बाद भी दस्तावेज नहीं मिले तो राजस्व विभाग ने इसकी रिपोर्ट भेज दी। भूमाफिया की सांठगांठ से कई अन्य जमीनों के दस्तावेज पहले से ही नहीं मिलने पर इस मामले को भी भूमाफिया की कारगुजारी मानते हुए जांच बैठाई गई। एडीएम प्रशासन डॉ. एसके बरनवाल के नेतृत्व में जांच की गई। उन्होंने अपनी रिपोर्ट में लिखा, जमीन के दस्तावेज न तो मौजा रैनापुर के बस्ते में पाए गए और न ही अन्य अभिलेखों में।
विज्ञापन

--
दस्तावेज न होना, मतलब खुर्द-बुर्द करने की तैयारी
यह मामला भी चाय बागान और सीलिंग से संबंधित है। चाय बागान और सीलिंग की काफी जमीनों के दस्तावेज गायब हैं। एडवोकेट विकेश नेगी के मुताबिक, ऐसे ही एक अन्य मामले में खरीद-फरोख्त पर रोक के बाद भी वर्ष 1988 में 35 बीघा जमीन की सेल डीड बना दी गई और भूमि का गैरकानूनी दाखिल खारिज 2020 में किया गया। सत्यापित दस्तावेज मांगे गए तो पता चला कि उपलब्ध ही नहीं है। नेगी के अनुसार, दस्तावेज न होने से साबित होता है कि यह भूमि सरकारी है और इसको खुर्द-बुर्द किया जा रहा है। मामले की उच्च स्तरीय जांच होनी चाहिए।
विज्ञापन
विज्ञापन

--
सीलिंग की जमीनों पर भूमाफिया की नजर
सीलिंग में मिली जमीनों पर भूमाफिया की नजर है। इस संदर्भ में हाईकोर्ट में जनहित याचिका दायर कर बताया जा चुका है कि राजा चंद्र बहादुर सिंह की जमीन सरप्लस लैंड है। उसे वर्ष 1960 में सरकार में निहित किया जाना था लेकिन कई गांवों में ऐसी जमीनों को भूमाफिया बेच रहे हैं। हाईकोर्ट इन जमीनों की खरीद-फरोख्त पर रोक लगा चुका है।
--
जमीन के दस्तावेज तलाशे गए। नहीं मिलने पर रिपोर्ट दर्ज कराई जा रही है। मामले में जिसकी भी संलिप्तता पाई जाएगी, उसके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।
-डॉ. एसके बरनवाल, एडीएम (प्रशासन)
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed