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जमीन फर्जीवाड़े में छह साल से फरार रविकांत किरयाना मेरठ से गिरफ्तार, सूरी हत्याकांड में भी है नामजद

Mon, 27 May 2019 09:56 AM IST
अलका त्यागी न्यूज डेस्क, अमर उजाला, देहरादून
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, देहरादून Published by: अलका त्यागी Updated Mon, 27 May 2019 09:56 AM IST
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Land fraud Accused arrested after six years in meerut

देहरादून की डालनवाला पुलिस ने बलबीर रोड़ के बहुचर्चित जमीन फर्जीवाड़े में छह साल से फरार रविकांत किरयाना को मेरठ से गिरफ्तार कर लिया। किरयाना के खिलाफ कोर्ट से स्थायी वारंट चल रहा था। अदालत की नाराजगी के बाद किरयाना की गिरफ्तारी को एसपी सिटी श्वेता चौबे की अगुवाई में टीम गठित की गई थी। पुलिस सोमवार को उसे कोर्ट में पेश करेगी। रविकांत शहर के अधिवक्ता राजेश सूरी की हत्या में भी नामजद बताया गया है। 

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पुलिस अधीक्षक नगर श्वेता चौबे ने बताया कि डालनवाला कोतवाली में रविकांत किरयाना के खिलाफ 1990 में बलबीर रोड स्थित एक जमीन को खुदबुर्द करने के साथ मारपीट के आरोप में मुकदमा दर्ज हुआ था। यह मामला मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट की कोर्ट में विचाराधीन है। कोर्ट ने आरोपी के तारीखाें पर पेश न होने के बाद 11 दिसंबर 2014 को उसके खिलाफ स्थायी गैर जमानती वारंट जारी कर दिए थे।
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पुलिस तब से रविकांत को वारंट तामिल नहीं करा पा रही थी। कोर्ट की नाराजगी के बाद एसएसपी निवेदिता कुकरेती ने रविकांत की गिरफ्तारी को मार्च माह में टीम गठित की थी। तब से पुलिस आरोपी की तलाश में मेरठ, नोएडा, गाजियाबाद, मुरादाबाद, नैनीताल आदि इलाकों में दबिश दे रही थी।
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एसपी सिटी ने बताया कि आरोपी रविकांत निवासी लक्ष्मी रोड डालनवाला को रविवार को मेरठ के तेजगढ़ी इलाके से गिरफ्तार किया गया है। सोमवार को उसे कोर्ट के सामने पेश किया जाएगा। आरोपी का कोई स्थायी ठिकाना नहीं था। वह गिरफ्तारी से बचने को नाम के साथ ठिकाने भी बदलता रहता था। आरोपी लगातार सिम बदलने के साथ व्हाट्सएप पर बात करता था। बता दे कि पुलिस महानिदेशक कानून व्यवस्था अशोक कुमार ने भी दो दिन पहले रविकांत की गिरफ्तारी को हुए प्रयासाें की जानकारी ली थी। 

राजेश सूरी हत्याकांड में है नामजद 

गिरफ्तार रविकांत अधिवक्ता राजेश सूरी हत्याकांड में नामजद बताया गया है। कई बड़े घोटालों को उजागर करने में अग्रणीय रहे सूरी की 29 नवंबर 2014 को हाईकोर्ट से लौटते वक्त ट्रेन में उनकी तबीयत खराब हो गई थी। अगले दिन शहर के निजी अस्पताल में उपचार के दौरान उनकी मौत हो गई थी। पोस्टमार्टम रिपोर्ट में मौत का कारण हृदयघात बताकर विसरा संरक्षित किया गया था। पांच दिसंबर 14 को बहन रीता सूरी की शिकायत पर राजेश की हत्या का मुकदमा दर्ज किया गया था। हत्या में रविकांत आदि नामजद कराए गए। 28 अगस्त 2015 को विसरा की रिपोर्ट आई, जिसमें राजेश की मौत जहर के कारण होना बताया था।

डीजीपी ने तत्कालीन एसपी सिटी अजय सिंह के नेतृत्व में एसआईटी का गठन किया गया था। एसआईटी ने जांच के बाद फाइनल रिपोर्ट लगा दी थी। इसी फ ाइनल रिपोर्ट को रीता सूरी ने हाईकोर्ट में चुनौती दी थी। हाईकोर्ट के निर्देश पर सीजेएम कोर्ट ने एसआईटी की रिपोर्ट को खारिज कर डीआईजी गढ़वाल को जांच के आदेश दिए थे। आईजी के निर्देश पर एसपी सिटी श्वेता चौबे के नेतृत्व में गठित टीम सूरी की हत्या की जांच कर रही है। 

आरोपी के खिलाफ 18 मुकदमे दर्ज
गिरफ्तार रविकांत किरयाना का लंबा चौड़ा आपराधिक इतिहास बताया गया है। उसके खिलाफ धोखाधड़ी, मारपीट, दस्तावेजाें में हेरीफेरी आदि के 18 मुकदमे दर्ज है। डालनवाला थाने से उसके खिलाफ गुंडा और गैंगस्टर एक्ट में भी कार्रवाई हुई। 2016 में एसटीएफ ने आरोपी को पूछताछ के लिए बुलाया था। उस समय वारंट की बात सामने नहीं आई थी।  

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