उत्तराखंड: वार मेमोरियल के लिए सेना ने दी जमीन
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राज्य के वार मेमोरियल के लिए रक्षा मंत्रालय से चीड़ बाग में सेना की एक एकड़ भूमि छावनी परिषद गढ़ी को दिए जाने के आदेश जारी हो गए हैं। इसके साथ ही चीड़ बाग म्यूजिकल पार्क में चिह्नित भूमि पर राज्य का पहला स्टेट वॉर मेमोरियल बनने का रास्ता साफ हो गया। जनवरी के अंत तक रक्षा मंत्री मनोहर परिकर इसके शिलान्यास के लिए आ सकते हैं।
अमर उजाला ने स्टेट वार मेमोरियल के निर्माण को लेकर जो मुहिम चलाई है उसके परवान चढ़ने की जितनी खुशी उत्तराखंड के वीर सपूतों को है उतनी ही अमर उजाला को भी है।
चीड़ बाग स्थित 15 एकड़ के म्यूजिकल पार्क में स्टेट वार मेमोरियल के लिए रक्षा मंत्रालय ने एक एकड़ की स्वीकृति दे दी है। हालांकि छावनी परिषद ने मेमोरियल निर्माण के लिए छह एकड़ भूमि का प्रस्ताव मध्य कमान को भेजा था।
संपदा विभाग के अधीन आने वाली सेना की बी 4 श्रेणी की इस भूमि को छावनी परिषद को दिए जाने के लिए रक्षा संपदा निदेशालय ने रक्षा संपदा अधिकारी मेरठ को श्रेणी बदलने के लिए निर्देश जारी कर दिए हैं। मेरठ कार्यालय अब जनरल लैंड रिकार्ड (जीएलआर) के साथ रक्षा भूमि साफ्टफेयर को अपडेट कर मुख्य अधिशासी अधिकारी देहरादून को भू स्वामित्व देगा।
म्यूजियम सहित अन्य सुविधाएं भी होंगी
राज्य के पहले स्टेट वार मेमोरियल को यूरोप अमेरिका के युद्ध स्मारकों की तर्ज पर विकसित करने की योजना है। वार मेमोरियल के साथ प्रथम विश्व युद्ध से लेकर अब तक हुए युद्ध को दर्शाता म्यूजियम भी बनना है। स्मारक पर प्रदेश के अब तक हुए शहीद सैनिकों के नाम अंकित होंगे।
रक्षा मंत्रालय ने एक एकड़ सैन्य भूमि छावनी परिषद को हस्तांतरित करने का आदेश दिया है। इससे मेमोरियल निर्माण होना तय हो गया है। वार मेमोरियल के लिए यह भूमि पर्याप्त है, लेकिन अन्य व्यवस्थाओं के लिए कुछ कमी आएगी तो रक्षा मंत्री से वार्ता की जा रही है।
-तरुण विजय, राज्यसभा सांसद
चीड़ बाग में वॉर मेमोरियल बनना प्रदेश के शहीद वीर सैनिकों के सम्मान के साथ हमारे लिए बड़े गर्व की बात है। हमने सीएम उत्तराखंड को भी इस संबंध में केंद्र से जल्द प्रक्रिया पूरी करने के लिए ज्ञापन दिया है। म्यूजियम को कहीं अन्यत्र भी बनाया जा सकता है।
-ब्रिगेडियर केजी बहल, संरक्षक पूर्व सर्विसेज लीग