उत्तराखंड: भारी बारिश से रुका यमुना का प्रवाह, बनी झील, अब बाढ़ का खतरा
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
डबरकोट स्यानाचट्टी के निकट गड्डूगाड़ गदेरे में बारिश के साथ भारी मलबा आने से यमुना नदी का प्रवाह अवरुद्ध हो गया है।
पानी ठहरने से यहां नदी में झील बन गई है। हालांकि अभी एक छोर से पानी की निकासी हो रही है, लेकिन यदि गड्डूगाड़ गदेरे में उफान के साथ ज्यादा मलबा आया तो यह झील निचले तटवर्ती हिस्सों में बाढ़ की स्थिति पैदा कर सकती है।
बृहस्पतिवार देर रात क्षेत्र में मूसलाधार बारिश होने से डबरकोट एवं स्यानाचट्टी के पास यमुना नदी में मिलने वाले गड्डूगाड़ गदेरे में उफान के साथ भारी मलबा आ गया। इस मलबे ने यहां यमुना नदी का प्रवाह अवरुद्ध कर दिया।
यमुना का प्रवाह पूरी तरह अवरुद्ध होने का खतरा
स्यानाचट्टी में तैनात पुलिस चौकी इंचार्ज रजनीश कुमार ने बताया कि फिलहाल एक छोर से यमुना नदी के पानी की निकासी हो रही है, लेकिन बड़े हिस्से में नदी का पानी ठहरने से झील बनी हुई है। यदि फिर गड्डूगाड़ गदेरे में उफान के साथ भारी मलबा आया तो यहां यमुना का प्रवाह पूरी तरह अवरुद्ध होने का खतरा है।
मौसम विभाग द्वारा अगले दो दिनों तक भारी बारिश का अलर्ट जारी किए जाने से यमुना नदी पर बनी यह झील खतरे का संकेत दे रही है।
नदी का पानी ज्यादा समय तक ठहरने और फिर झील टूटने पर निचले तटवर्ती इलाकों में बाढ़ की आशंका जताई जा रही है। यहां कुपड़ा-कुंसाला मोटर पुल पर भी खतरा मंडरा रहा है। स्थानीय लोगों ने समय रहते इस समस्या का समाधान तलाशने की मांग की है।