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एनआईईपीवीडी के सोकपिट में गिरा मजदूर, दो घंटे की मशक्कत के बाद निकाला शव
Mon, 17 Jun 2019 10:55 AM IST
Nirmala Suyal Nirmala Suyal
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, देहरादून
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, देहरादून
Published by: Nirmala Suyal Nirmala Suyal
Updated Mon, 17 Jun 2019 10:55 AM IST
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दो घंटे बाद निकाला गया शव
- फोटो : अमर उजाला
एनआईईपीवीडी (राष्ट्रीय दृष्टि दिव्यांगजन सशक्तीकरण संस्थान) परिसर में सफाई करते समय एक मजदूर की सोकपिट में गिरने से मौत हो गई। हादसा गड्ढे का ढक्कन टूटने से हुआ। पुलिस और दमकल विभाग की टीम ने करीब दो घंटे की मशक्कत के बाद शव को बाहर निकाला। उसके बाद पुलिस ने पोस्टमार्टम के लिए शव कोरोनेशन अस्पताल स्थित मोर्चरी में रखवाया।
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हादसा रविवार दोपहर करीब साढ़े तीन बजे हुआ। थानाध्यक्ष राजपुर नत्थीलाल उनियाल ने बताया कि राजीव लाल कैनाल रोड (मूल निवासी ग्राम धरासू, डाकघर मकोटी, रुद्रप्रयाग) स्थित एक किराए के मकान में रहता था। करीब ढाई साल से वह राजपुर रोड स्थित एनआईईपीवीडी में मजदूरी कर रहा था। मेस के आसपास दृष्टिबाधित बच्चे खेलते रहते हैं। इसी को देखते हुए उसे यहां साफ सफाई करने के लिए कहा था। रविवार को राजीव लाल अपने तीन अन्य साथियों के साथ मेस के आसपास सफाई कर रहा था।
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इसी बीच इसका एक पांव एक गड्ढे (मेस के गंदे पानी के लिए बना सोकपिट) के ढक्कन पर पड़ा। ढक्कन टूटने से वह गड्ढे में जा गिरा। साथियों ने शोर मचाया तो संस्थान के अन्य लोग भी मौके पर पहुंच गए। लेकिन गड्ढे में राजीव कहीं नजर नहीं आया। सूचना पर राजपुर पुलिस और दमकल विभाग की टीम मौके पर पहुंची। करीब डेढ़ घंटे तक टीम गड्ढे में तलाशती रही, लेकिन पता नहीं चला। उसके बाद सीवर साफ करने की मशीन बुलाई गई। करीब 40 मिनट बाद गंदा पानी बाहर निकाला गया। उसके बाद कर्मचारियों ने गड्ढे में उतरकर राजीव को बाहर निकाला और कोरोनेशन अस्पताल पहुंचाया। वहां चिकित्सकों ने उसे मृत घोषित कर दिया। घटना की जानकारी राजीव के परिजनों को दे दी है। अभी तक किसी की ओर से तहरीर नहीं मिली है।
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गनीमत है छात्रों को समूह इधर नहीं आया
एनआईईपीवीडी में दृष्टिबाधित छात्र-छात्राएं पढ़ते हैं। वह छड़ी लेकर और इशारों के आधार पर इधर से उधर आते-जाते हैं। कई बार वह समूह में भी घूमते हैं। गनीमत है कि छात्रों को समूह इस ओर नहीं आया। रविवार को हादसे के बाद सभी की जुबान पर यह बात थी।
मेस के आसपास घास होने के कारण गड्ढे का पता नहीं चल पाया। हादसे के बाद संस्थान परिसर के सभी गड्ढों के ढक्कनों को दुरुस्त करने के निर्देश दे दिए गए हैं।
- नचिकेता राउत, डायरेक्टर, एनआईईपीवीडी