कुंभ 2021: अखाड़ा परिषद के अध्यक्ष और महामंत्री को मिलेगी वाई श्रेणी की सुरक्षा, सरकार उठाएगी खर्च
- हरिद्वार कुंभ के लिए सभी 13 अखाड़ों के 26 प्रतिनिधियों को गनर देने पर भी विचार
- बृहस्पतिवार को जूना अखाड़ा पहुंचे एसएसपी ने महामंत्री से मिलकर दी यह जानकारी
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हरिद्वार कुंभ के दौरान सभी 13 अखाड़ों की सुरक्षा व्यवस्था चाक चौबंद की जाएगी। इसी कड़ी में राज्य सरकार अखाड़ा परिषद के अध्यक्ष और महामंत्री को वाई श्रेणी की सुरक्षा देने जा रही है। साथ ही अखाड़ा परिषद के सभी 26 प्रतिनिधियों को गनर देने पर भी विचार किया जा रहा है। इस संबंध में कुछ निर्णय हाल ही में सीएम के साथ हुई अखाड़ा परिषद की बैठक में लिए गए।
गुरुवार को एसएसपी सेंथिल अबूदई कृष्णराज एस ने जूना अखाड़ा पहुंचकर अखाड़ा परिषद के महामंत्री श्रीमहंत हरि गिरि से सुरक्षा के संबंध में वार्ता की और सुरक्षा व्यवस्था का जायजा लिया। एसएसपी ने बताया कि शासन ने अध्यक्ष श्रीमहंत नरेंद्र गिरि और महामंत्री श्रीमहंत हरि गिरि को वाई श्रेणी की सुरक्षा उपलब्ध कराने का फैसला किया है। शीघ्र उन्हें सुरक्षा उपलब्ध करा दी जाएगी। इस दौरान श्रीमहंत हरि गिरि ने सभी 13 अखाड़ों के प्रमुख संतों को गनर उपलब्ध कराने की मांग उठाई। कप्तान ने इस बारे में संतों की जानकारी ली और तय हुआ कि अखाड़ा परिषद के सभी 26 प्रतिनिधियों को गनर मुहैया कराने की रिपोर्ट शासन को भेजी जाएगी। इसके बाद निर्णय लिया जाएगा।
महंत हरि गिरि ने कहा कि जिस अखाड़े में विवाद चल रह है, वहां अधिक सुरक्षा प्रदान की जाए। साथ ही कुंभ में अखाड़ों में बाहर से आने वाले हजारों नागाओं और खालसों के लिए भी सुरक्षा के प्रबंध प्रशासन करे। इस दौरान अखाड़ों और पुलिस प्रशासन के बीच हर समय तालमेल बनाने के लिए नोडल अधिकारियों की नियुक्ति पर भी विचार हुआ।
सरकार उठाएगी 26 साधु संतों की सुरक्षा का खर्च
इन अधिकारियों के माध्यम से अखाड़े संतों की सुरक्षा के लिए बात करते रहेंगे। बैठक के बाद श्री महंत हरि गिरि ने बताया कि देश में जिस तरह का माहौल है, उसे देखते हुए कुंभ की सुरक्षा बड़ा विषय रहेगा। कुंभ का मुख्य उपादान अखाड़े होते हैं। लिहाजा मेला पुलिस को हर स्तर पर साधु संतों को सुरक्षा उपलब्ध करानी पड़ेगी।
अखिल भारतीय अखाड़ा परिषद के अध्यक्ष श्रीमहंत नरेंद्र गिरि, महामंत्री श्रीमहंत हरि गिरि से लेकर अखाड़ों के 26 साधु संतों को मिलने वाली सुरक्षा व्यवस्था का खर्च प्रदेश सरकार वहन करेगी। यही नहीं, कुंभ मेले के दौरान अखाड़ों की छावनियों पर भी पुलिस फोर्स का पहरा रहेगा। इसकी जिम्मेदारी भी कुंभ मेला पुलिस की होगी।
यह होती है वाई श्रेणी की सुरक्षा
आईजी कुंभ संजय गुंज्याल के अनुसार, कुंभ के दौरान ही साधु संतों को सुरक्षा दी जाएगी। अखाड़ों की छावनियों में भी सुरक्षा के व्यापक प्रबंध रहेंगे।