किडनी कांड: गंगोत्री चैरिटेबल अस्पताल के दो गार्ड गिरफ्तार, 40 से ज्यादा लोगों के बेचे थे गुर्दे
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किडनी कांड में पुलिस ने गंगोत्री चैरिटेबल अस्पताल के तत्कालीन दो गार्डों को भी गिरफ्तार कर लिया है। दोनों सगे भाई हैं और मुजफ्फरनगर के रहने वाले हैं। पुलिस के अनुसार दोनों भाइयों को अस्पताल में हो रहे अपराध की जानकारी थी, लेकिन उन्होंने किसी को इसकी सूचना नहीं दी। इस मामले में मुख्य आरोपी अमित राऊत का बेटा अक्षय अब भी फरार है।
पिछले साल सितंबर में डोईवाला थाना क्षेत्र के लालतप्पड़ में पुलिस ने अवैध गुर्दा प्रत्यारोपण के गोरखधंधे का भंडाफोड़ किया था। पुलिस ने 11 सितंबर को गुड़गांव के डॉ. अमित राऊत और उसके साथियों को गिरफ्तार किया था।
अमित राऊत इससे पहले भी कई जगह अवैध गुर्दा प्रत्यारोपण के मामलों में पकड़ा गया था। पुलिस ने इस मामले में पड़ताल शुरू की तो पता चला कि यहां 40 से ज्यादा लोगों के गुर्दे निकालकर बेचे गए हैं। गत सितंबर में पुलिस ने एक दलाल महिला चांदना गुड़िया को बंगाल से गिरफ्तार किया था। जबकि, इस मामले में दो गार्ड और अमित का बेटा अक्षय फरार चल रहे थे।
क्षेत्राधिकारी सदर पंकज गैरोला ने बताया कि पुलिस ने शनिवार शाम को तत्कालीन गार्ड सत्येंद्र कुमार और अंकित कुमार पुत्रगण सोमपाल सिंह निवासी ग्राम सहातु थाना भोरा कला मुजफ्फरनगर उत्तर प्रदेश को गिरफ्तार कर लिया।
पूछताछ में इन लोगों ने बताया कि वे अस्पताल के अंदर उन्हीं लोगों को आने देते थे, जिनके लिए अनुमति होती थी। यानी वे लोग या तो गुर्दा देने वाले होते थे या फिर गुर्दा लेने वाले। ऐसे में उन्हें अस्पताल में चल रही सभी गतिविधियों की जानकारी रहती थी। ऐसे में अपराध की जानकारी होने के बावजूद उन्होंने किसी को कुछ नहीं बताया।
इसी आरोप में दोनों को गिरफ्तार कर लिया गया। यहां से भाग जाने के बाद सत्येंद्र पानीपत में गार्ड की नौकरी कर रहा था, जबकि अंकित अपनी बुआ के यहां रहकर दिहाड़ी मजदूरी कर रहा था। पुलिस ने दोनों को न्यायालय में पेश किया, जहां से उन्हें जेल भेज दिया गया।