लव मैरिज करने वाले युवक को कोर्ट के बाहर से उठाया, हड़कंप
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इलाहाबाद हाईकोर्ट से पुलिस सुरक्षा मिलने के बावजूद अपहरण की रिपोर्ट के खिलाफ नैनीताल हाईकोर्ट में दर्ज याचिका की सुनवाई के लिए नैनीताल पहुंचे नव दंपति में से पति को बुधवार को हाईकोर्ट गेट से उठाने पर हड़कंप मच गया।
युवती समेत प्रत्यक्षदर्शियों का कहना है युवक को उठाने वाले खुद को उत्तरकाशी पुलिस के आदमी बता रहे थे। जानकारी के मुताबिक बिलाल (22) पुत्र गुलशेर अहमद निवासी कसमपुर, सहारनपुर जेसीबी चालक है। करीब छह वर्ष से उसका रहनुमा उर्फ कविता (20) पुत्री बिजेंद्र निवासी ग्राम बनोट, तहसील चिन्यालीसौड़ (उत्तरकाशी) से प्रेम प्रसंग चल रहा था।
कविता के मुताबिक बिलाल के परिजन तो विवाह के लिए तैयार थे लेकिन उसके परिजन राजी नहीं थे। जिसके बाद दोनों ने 21 मई को घर से भागकर अगले दिन सहारनपुर कोर्ट में विवाह कर लिया। जान पर खतरा देखते हुए दोनों ने 26 मई को इलाहाबाद उच्च न्यायालय से पुलिस सुरक्षा हासिल कर ली।
हाईकोर्ट गेट नंबर एक पर खड़ा था बिलाल
इस बीच, 27 मई को उसके पिता बिजेंद्र ने थाना धरासू उत्तरकाशी में पुत्री के अपहरण का मुकदमा दर्ज कराकर बिलाल को बतौर आरोपी नामजद किया। इसकेखिलाफ उन्होंने नैनीताल हाईकोर्ट में याचिका दायर की थी। बुधवार को मामले की सुनवाई के लिए वे नैनीताल पहुंचे थे।
अधिवक्ता से बातचीत के बाद बिलाल हाईकोर्ट गेट नंबर एक पर खड़ा था कि तभी खुद को उत्तरकाशी पुलिस बता रहे कुछ लोग उसे उठा ले गए। शाम को हाईकोर्ट के आदेश के बाद युवती को पुलिस अभिरक्षा में मल्लीताल कोतवाली के सुपुर्द किया गया। युवती को गुरुवार सुबह 10 बजे न्यायालय में पेश किया जाएगा।
मामले से जुड़े हाईकोर्ट के अधिवक्ता सुहेल अहमद ने बताया कि युवती के पिता की ओर से किए गए अपहरण के मुकदमे के खिलाफ नव दंपति ने हाईकोर्ट में याचिका दायर की थी। जिसे स्वीकार कर बुधवार को सुनवाई की तिथि तय की गई। इसी क्रम में नव दंपति यहां पहुंचा था।
हाईकोर्ट के प्रभारी उच्च न्यायाधीश वीके बिष्ट व यूसी ध्यानी की पीठ में मामले की सुनवाई होनी थी, लेकिन हाईकोर्ट गेट के समीप से युवक को कथित पुलिस कर्मी उठा ले गए।