नखत खान को बतौर नायिका खुशबू के रूप में नैनीताल से मिली पहली बार पहचान
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कांग्रेस छोड़कर भाजपा में शामिल होने के बाद चर्चा में आईं प्रसिद्ध अभिनेत्री खुशबू सुंदर को फिल्मों में पहली बार बड़ी पहचान नैनीताल से मिली थी। बतौर नायिका उनकी पहली फिल्म जानू की अधिकांश शूटिंग 1984 में नैनीताल में ही हुई थी। तब वह मात्र 14 वर्ष की थीं।
इससे पहले वह द बर्निंग ट्रेन, दर्द का रिश्ता आदि फिल्मों में बाल कलाकार के रूप में नजर आई थीं, लेकिन एक नायिका के रूप में उन्हें लोगों ने जानू फिल्म से ही जाना।
फिल्म पत्रकार से निर्माता निर्देशक बने जैनेंद्र जैन की निर्माता, निर्देशक और लेखक के रूप में यह पहली फिल्म थी। फिल्म में जैकी श्रॉफ, रति अग्निहोत्री, अनुपम खेर, सईद जाफरी आदि कलाकार थे।
खुशबू का असल नाम नखत खान
फिल्म की यूनिट टीआरसी मल्लीताल में ठहरी थी। फिल्म की शूटिंग नैनीताल माल रोड, खुर्पाताल, नारायण नगर और हांडी भांडी में हुई थी।
फिल्म के गीत छोड़ो मुझे छोड़ो, मैं छत पर जाऊंगा के कुछ दृश्य और इश्क जितना कभी किसी ने किसी को किया न होगा उतना प्यार करूंगा अपनी रानी को... की पूरी शूटिंग खुर्पाताल के आसपास ही हुई थी।
खुशबू का असल नाम नखत खान था। खुशबू उनका फिल्मी नाम था जो इसी फिल्म के बाद प्रसिद्ध हुआ था। हालांकि हिंदी फिल्मों में उनका करियर ज्यादा नहीं चला और 1986 में उन्होंने दक्षिण भारतीय फिल्मों का रुख कर लिया।
जहां उनका नाम और काम दोनों इतने चले कि उनके प्रशंसकों ने बकायदा उनके मंदिर बनवा कर उनकी पूजा करनी शुरू कर दी।