WWE को लेकर महाबली खली ने किया बड़ा खुलासा
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रेसलिंग के बादशाह दिलीप सिंह राणा उर्फ द ग्रेट का कहना है कि विदेशों में खेल के समय इंडियन रेसलरों को गोरे हीन भावना से देखते थे। कई बार रेसलिंग के दौरान उनके साथ गलत व्यवहार किया जाता था।
इसलिए अब वह रेसलिंग को इंडिया में स्थापित करना चाहते हैं। शनिवार को अमर उजाला से खास बातचीत में खली ने कहा कि विदेश में कई बार रेसलिंग के दौरान उनके साथ गलत व्यवहार किया जाता था।
खली ने कहा कि जब वह विदेशों में खेले तो इंडियन रेसलरों को गोरे हीन भावना से देखते थे। खली ने कहा कि फाइट के दौरान अकेले सामना करने के बजाए विदेशी रेसलर झुंड में उन पर हमला करते थे।
खली का कहना है कि चैनल में कई बार एडिट कर वीडियो दिखाए जाते हैं। इसीलिए मैंने मन बना लिया है कि अब अपने देश में ही इस गेम को स्थापित करूंगा। उत्तराखंड में रेसलिंग प्रतियोगिता के बाद पांच मार्च को पंजाब के जालंधर में इससे भी बड़ा आयोजन किया जाएगा।
हल्द्वानी में फाइट के दौरान घायल हुए खली अब पूरी तरह से फिट हैं। खली ने कहा कि वह रविवार शाम रायपुर स्टेडियम में सभी रेसलरों को चित कर देंगे। शनिवार शाम साढ़े छह बजे खली ने विधिवत रूप से रेसलिंग रिंग की पूजा अर्चना कर रिंग में नारियल फोड़ा।
रेसलरों की नई फौज तैयार करना चाहते है खली
रेसलिंग गेम की प्रेरणा उन्हें अमेरिका से मिली है। उन्होंने कहा कि एक खिलाड़ी को क्या चाहिए। अच्छा पैसा, सेहत और नशे से दूर रहना। रेसलिंग में हम यही करते हैं। हम रेसलरों की नई फौज तैयार कर रहे हैं।
बता दें कि खली ने वर्ष 2006 में रेसलर अंडर टेकर को फाइट में चित कर बेल्ट का खिताब जीता था। वह पहले शिमला में एक दुकान में काम करते थे। उनकी हाइट से प्रभावित होकर डीजीपी महल सिंह भुल्लर अपने साथ पंजाब ले गए थे और पंजाब पुलिस में भर्ती कराया था। यहां अच्छा खाना मिलने के बाद उन्होंने शॉट पिट गेम में हाथ अजमाया।
इसके बाद उन्होंने साल 1997 में मिस्टर इंडिया का खिताब भी जीता। खली ने बताया कि वह रिंग में आने वाले हर रेसलर को चित करेंगे। एक बार जापान में इन्होंने एक रेसलर को इतना पीटा कि वह मौके पर ही मर गया था। उन्होंने बताया कि मेरे पापा मुझसे भी लंबे थे और दादा पापा से भी लंबे थे।
खली के नक्शे कदम चला शैंकी
पंजाब के रहने वाले सात फीट ऊंचे शैंकी सिंह पिछले सात महीने से खली से रेसलिंग के गुर सीख रहे हैं। हाइट में खली से थोड़ा छोटे शैंकी खली से बहुत प्रभावित हैं। हल्द्वानी में वह पहली बार इस रेसलिंग के रिंग में उतरे।
थर्ड रोप से खली ने इन्हें रिंग में उतारा था। वह यह रेस तो नहीं जीत पाए, लेकिन दून में होने जा रही रेसलिंग में अपने प्रतिद्वंद्वियों से दो-दो हाथ करने को तैयार हैं। शैंकी की तरह विभिन्न प्रदेशों के करीब 150 युवक खली से रेसलिंग के गुर सीख रहे हैं।