उत्तराखंड: रुद्रप्रयाग-गौरीकुंड हाईवे पर दरारें पड़ने से बढ़ा खतरा, तीन धामों की यात्रा हुई बाधित
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पहाड़ में तीन दिनों से लगातार हो रही बारिश सड़कों पर भारी पड़ी है। सड़कें बंद होने से सोमवार को केदारनाथ, बदरीनाथ और यमुनोत्री धाम की यात्रा बाधित रही। रुक-रुककर हो रही बरसात से गौरीकुंड-केदारनाथ पैदल मार्ग भीमबली-लिनचोली के बीच पहाड़ी से आए भारी मलबे से करीब 20 मीटर ध्वस्त हो गया है। मार्ग के अवरुद्ध होने से प्रशासन ने पैदल यात्रा को रोक दिया है।
धाम के दर्शन को जा रहे 461 यात्रियों को भीमबली से सुरक्षा जवानों की मौजूदगी में सोनप्रयाग वापस भेज दिया गया है। सोमवार को दोपहर बाद करीब डेढ़ बजे भीमबली-लिनचोली के बीच पहाड़ी से आए भारी मलबे से पैदल मार्ग का लगभग 20 मीटर हिस्सा ध्वस्त हो गया है।
भीमबली सेक्टर मजिस्ट्रेट की सूचना पर जिलाधिकारी मंगेश घिल्डियाल ने तत्काल पैदल यात्रा को बंद करा दिया। भीमबली में रुके यात्रियों को भी सुरक्षा की दृष्टि से सुरक्षा जवानों की मौजूदगी में सोनप्रयाग वापस भेज दिया गया है। जो यात्री बड़ी लिनचोली और केदारनाथ-लिनचोली के बीच हैं, उन्हें वहीं सुरक्षित स्थानों पर रुकने को कहा गया है।
जिलाधिकारी ने बताया कि तेज बरसात के चलते पैदल मार्ग क्षतिग्रस्त हो गया है, लिहाजा पैदल यात्रा को रोक दिया गया है। 461 यात्रियों को सकुशल सोनप्रयाग पहुंचा दिया गया है। लिनचोली से केदारनाथ तक 600 यात्री मौजूद हैं। प्रत्येक यात्री की सुरक्षा को लेकर सभी अधिकारियों/कर्मचारियों व सुरक्षा जवानों को विशेष निर्देश दिए गए हैं।
बारिश व भूस्खलन से कीचड़ ने बढ़ाई मुश्किलें
रुद्रप्रयाग-गौरीकुंड हाईवे डोलिया मंदिर की पास रविवार रात्रि से बंद पड़ा है। यहां भारी भूस्खलन से सड़क पर गहरी दरारें पड़ गई हैं। भारी कीचड़ होने से पैदल आवाजाही भी बंद हो गई है।
केदारघाटी में लगातार बारिश से 76 किमी रुद्रप्रयाग-गौरीकुंड हाईवे कई जगहों पर अति संवेदनशील हो गया है। जगह-जगह पर मलबा गिरने से रुद्रप्रयाग से गुप्तकाशी के बीच भी दिनभर यातायात बाधित हो रहा है। दूसरी तरफ डोलिया मंदिर के समीप खाट गांव के नीचे हाईवे रविवार देर रात से बंद पड़ा है। यहां पर पहाड़ी से भारी भूस्खलन होने से सड़क पर काफी बड़े क्षेत्र में गहरी दरारें पड़ गई हैं।
इन दरारों के कारण हाईवे का बड़ा हिस्सा ध्वस्त होने का खतरा बढ़ गया है। मलबे के कारण करीब 200 मीटर हिस्से में कीचड़ हो रखा है, जिससे पैदल आवाजाही भी नहीं हो रही है। हाईवे बंद होने से सोमवार को फाटा, सोनप्रयाग और गौरीकुंड में सब्जी, दूध व अन्य सामान की सप्लाई नहीं हो पाई।
एनएच के अधिशासी अभियंता जितेंद्र कुमार त्रिपाठी ने बताया कि लगातार हो रही बारिश से भूस्खलन नहीं थम रहा है, जिससे सड़क पर कीचड़ हो रहा है। ऐसे में सुधारीकरण कार्य नहीं हो पा रहा है। प्रभावित क्षेत्र में स्थायी मरम्मत के लिए मंदाकिनी नदी किनारे से पुश्ता निर्माण कर सड़क को सुरक्षित किया जाएगा। दूसरी तरफ बरसात के चलते कोटी बैंड-धरियांज, लमगौंडी-देवलीभणिग्राम सहित तीन संपर्क मार्ग भी बंद पड़े हैं।