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रास्ते बंद, टेंडर नहीं खुला, कैसे होगी केदारनाथ यात्रा?
अमर उजाला, रुद्रप्रयाग
Updated Tue, 11 Feb 2014 11:00 AM IST
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उत्तराखंड के मुख्यमंत्री हरीश रावत ने दावा किया है कि एक हफ्ते में गौरीकुंड से रामबाड़ा के बीच पैदल मार्ग निर्माण शुरू हो जाएगा और पांच मई तक केदारनाथ तक मार्ग पूरा हो जाएगा।
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अभी गिर रही है बर्फ
वर्तमान में रामबाड़ा से नीचे जंगलचट्टी तक बर्फ गिर रही है। टेंडर खुलने में भी आठ दिन बचे हैं। ऐसे में एक हफ्ते में काम शुरू हो पाएगा। यह कह पाना मुश्किल है।
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सोनप्रयाग-गौरीकुंड, गौरीकुंड से जंगल चट्टी, भीम बली से लेनचोली और देवदर्शनी के बीच कई स्थानों खड़ी चढ़ाई और ढालनवाला रास्ता है। उतार-चढ़ाव को खत्म करने के लिए नया रास्ता बनाने के साथ ही खडंजा, नाली और रेलिंग लगाई जानी है।
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ऐसे में इन कामों को पूरा होने में करीब दो माह का समय लग सकता है। कपाट खुलने से पूर्व काम पूरा नहीं होता है, तो रामबाड़ा से ऊपर तीर्थयात्रियों को गत वर्ष बनाए गए पैदल ट्रैक पर चलना होगा।
इस संबंध में लोनिवि के अधिशासी अभियंता केएस नेगी का कहना है कि रामबाड़ा में पहले से काम चल रहा है। इसलिए नया काम शुरू करने में कोई दिक्कत नहीं है। पांच मई तक मार्ग को यात्रियों के लिए सुगम बना देंगे।
लोनिवि ने किए टेंडर आमंत्रित
वर्तमान में भी भीमबली और गौरीकुंड के बीच पैदल मार्ग बनाने का काम चल रहा है। लोनिवि ने पैदल मार्ग के रिस्टोरेशन (पुनर्स्थापना) के लिए 22 करोड़ रुपए का इस्टीमेट शासन को भेजा था। लोनिवि सोनप्रयाग से गौरीकुंड के बीच 1.50 किमी सड़क का पुनर्निर्माण करेगा।
लोनिवि अस्थायी खंड के ईई केएस नेगी ने बताया कि शासन से करीब 16 करोड़ रुपए की स्वीकृति मिली है। टेंडर आमंत्रित कर दिए हैं। 17 फरवरी को टेंडर खुलेंगे।