केदारनाथ आपदा के पीछे था चीन: शंकराचार्य
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
ज्योर्ति (ज्योतिष) पीठ बदरीकाश्रम के शंकराचार्य स्वामी स्वरूपानंद सरस्वती का कहना है कि वर्ष 2013 की केदारनाथ आपदा चीन की हरकत थी।
चीन ने वैज्ञानिक तरीके से आकाश में क्लाउड बनाकर केदारनाथ त्रासदी को जन्म दिया। देश को असली मुद्दे को समझकर चीन से सचेत रहना चाहिए। शंकराचार्य रविवार को यहां पत्रकारों से मुखातिब थे। उन्होंने कहा कि देश का संत समाज धर्म की रक्षा के साथ ही देश की सुरक्षा को लेकर भी चिंतित है।
उत्तराखंड में घटित हो रही आपदाओं के सवाल पर उन्होंने कहा कि सरकार को केदारनाथ त्रासदी के वैज्ञानिक पहलुओं की जांच करनी चाहिए। उनके पास मौजूद प्रमाणों के अनुसार इस त्रासदी में चीन का हाथ होने से इंकार नहीं किया जा सकता।
रावल से पहले बदरीनाथ में थे शंकराचार्य
वैज्ञानिक तकनीक से हमें भी सक्षम बनना पड़ेगा। शंकराचार्य ने कहा कि वे शरीर त्यागने तक ज्योतिष पीठ और द्वारिका पीठ के शंकराचार्य का जिम्मा संभालेंगे।
ज्योतिष पीठ के शंकराचार्य का होने का दावा कर रहे दोनों अन्य संत गृहस्थ में हैं, इसलिए वे महंत से आगे कुछ नहीं हैं। बदरीनाथ धाम की पूजा पद्घति पर उन्होंने कहा कि पूर्व में शंकराचार्य बदरीनाथ की पूजा का जिम्मा संभालते थे।
24 शंकराचार्यों ने धाम की पूजा की। लेकिन कुछ धर्मावलंबियों ने पूजा पद्घति में बदलाव कर रावल प्रथा को स्थापित किया। धाम में 165 साल से रावल बदरीनाथ की पूजा का जिम्मा संभाले हुए हैं।