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Chardham yatra: महिलाओं ने भी संभाला केदारनाथ यात्रा मार्ग पर टेंट का कारोबार, स्वरोजगार की नई मिसाल की पेश

Sun, 07 May 2023 01:20 PM IST
रेनू सकलानी आशा प्रसाद सेमवाल, संवाद न्यूज एजेंसी, गुप्तकाशी (रुद्रप्रयाग)
आशा प्रसाद सेमवाल, संवाद न्यूज एजेंसी, गुप्तकाशी (रुद्रप्रयाग) Published by: रेनू सकलानी Updated Sun, 07 May 2023 01:20 PM IST
सार

केदारघाटी के अलग-अलग गांवों की 20 से अधिक महिलाएं टेंटों का संचालन कर रही हैं। यह पहला मौका है जब महिलाओं द्वारा केदारनाथ यात्रा में टेंट संचालित किए जा रहे हैं। गौरीकुंड-केदारनाथ पैदल मार्ग पर लिनचोली, छानी कैंप, रुद्रा प्वाइंट, बेस कैंप, नंदी कैंप में महिलाओं के द्वारा टेंट लगाए गए हैं।

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Kedarnath Dham Women also handled the tent business on the Kedarnath Yatra route chardham Yatra 2023
महिलाओं ने भी संभाला केदारनाथ यात्रा मार्ग पर टेंट का कारोबार - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

केदारनाथ यात्रा में इस बार घाटी की महिलाओं ने स्वरोजगार की नई मिसाल पेश की है। 20 महिलाओं ने पहली बार यात्रा पैदल मार्ग से लेकर धाम तक टेंट का कारोबार शुरू किया है। इससे तीर्थयात्रियों को कंपकंपाती ठंड में रात गुजारने के लिए आसरा मिल रहा है। इनमें अधिकांश महिलाएं तो बुजुर्गों, बच्चों को चाय, गर्म पानी और दूध तक मुफ्त मुहैया करा रही हैं।

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केदारनाथ विषम भौगोलिक परिस्थितियों वाला क्षेत्र है। जहां पल-पल मौसम बदलता रहता है। कब बारिश व बर्फबारी हो जाए कहना मुश्किल है। साथ ही सामान्य मौसम में भी यहां रहना आसान नहीं है। इन सबके बीच केदारघाटी के अलग-अलग गांवों की 20 से अधिक महिलाएं टेंटों का संचालन कर रही हैं। यह पहला मौका है जब महिलाओं द्वारा केदारनाथ यात्रा में टेंट संचालित किए जा रहे हैं।

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गौरीकुंड-केदारनाथ पैदल मार्ग पर लिनचोली, छानी कैंप, रुद्रा प्वाइंट, बेस कैंप, नंदी कैंप में महिलाओं के द्वारा टेंट लगाए गए हैं। ब्यूंग-फाटा निवासी रीना अग्रवाल ने बताया कि वह 14 अप्रैल को धाम पहुंच गईं थी। नंदी कैंप में उन्होंने तीन टेंट लगा रखे हैं। टेंटों का सामान पहुंचाने से लेकर यहां स्थापित करने में साढ़े तीन लाख रुपये खर्च हो चुके हैं।

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300 से अधिक निजी टेंट संचालित
25 अप्रैल से शुरू हुई यात्रा में अभी तक आए दिन खराब मौसम के चलते टेंटों में यात्री कम ही रुके हैं। बावजूद, उन्हें प्रतिदिन तीनों टेंटों की दो-तीन यात्रियों की बुकिंग मिल रही है। अन्य टेंट संचालक रजनी शर्मा, दीपा नेगी, मीना पुंडीर, रीना बिष्ट का कहना है कि कोई भी कार्य असंभव नहीं होता है। शुरूआत करने की जरूरत है।

इसी उद्देश्य के साथ वे टेंट संचालन कर रहीं हैं। बताया कि बारिश, बर्फबारी से अभी दिक्कतें हो रही हैं, लेकिन आने वाले दिनों में मौसम के ठीक होते ही टेंटों का संचालन बेहतर होने की उम्मीद है। बता दें कि इस बार केदारनाथ यात्रा में पैदल मार्ग से धाम तक 300 से अधिक निजी टेंट संचालित हो रहे हैं।


यात्रियों को कर रहीं स्वास्थ्य के प्रति जागरूक

गुप्तकाशी। केदारनाथ क्षेत्र के विषम परिस्थितियों को ध्यान में रखते हुए महिलाएं टेंटों में आने वाले यात्रियों को स्वास्थ्य का विशेष ध्यान रखने के लिए भी प्रेरित कर रही हैं। यहां तक कि स्वयं ही बुजुर्ग व महिलाओं को ठंड से बचाने के लिए कई बार चाय भी पिला रही हैं। टेंट संचालक रीना अग्रवाल बताती हैं कि उन्होंने अपने टेंट में किचन का सामान भी रखा है। ऐसे में बुजुर्गों के लिए चाय, गर्म पानी की व्यवस्था कर लेती हूं।

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केदारनाथ में रहना ही मुश्किल होता है। ऐसे में वहां महिलाओं द्वारा टेंटों का संचालन करना अपने आप में गौरव की बात है। महिलाएं किसी से कम नहीं है, इसे मातृ शक्ति चरितार्थ कर रहीं हैं। -शैलारानी रावत, विधायक केदारनाथ विस


 

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