Kedarnath: यात्रा के 23वें दिन ही दर्शनार्थियों की संख्या साढ़े तीन लाख के पार, चरम पर भक्तों का उल्लास
बीकेटीसी के कार्याधिकारी रमेश चंद्र तिवारी ने बताया कि यात्रा के 23वें दिन में ही दर्शनार्थियों की संख्या साढ़े तीन लाख पार हो चुकी है। बारिश के लगभग एक घंटे तक यात्रियों को कुछ दिक्कतें भी झेलनी पड़ीं लेकिन मौसम में सुधार होते ही उल्लास अपने चरम पर पहुंच गया।
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विस्तार
केदारनाथ के दर्शन के लिए भक्तों की दिनभर भीड़ जुटी रही। दोपहर को खराब मौसम के बाद भी यहां आस्था और भक्ति का उल्लास अपने चरम पर रहा। कपाट खुलने के बाद 23वें दिन धाम में दर्शनार्थियों की संख्या साढ़े तीन लाख पार हो गई है। इधर, सोनप्रयाग से दोपहर 12 बजे तक प्रशासन द्वारा 12967 श्रद्धालुओं को धाम के लिए रवाना किया गया।
बुधवार को धाम में सुबह 4 बजे से भक्त मंदिर परिसर में जुटने लगे थे। दोपहर तक यहां भक्तों की लाइन संगम तक लग चुकी है। इस दौरान बारिश के लगभग एक घंटे तक यात्रियों को कुछ दिक्कतें भी झेलनी पड़ी लेकिन मौसम में सुधार होते ही उल्लास अपने चरम पर पहुंच गया। बीकेटीसी के कार्याधिकारी रमेश चंद्र तिवारी ने बताया कि यात्रा के 23वें दिन में ही दर्शनार्थियों की संख्या साढ़े तीन लाख पार हो चुकी है।
सोनप्रयाग से केदारनाथ तक 2260 यात्रियों की जांच की
इधर, सोनप्रयाग से सुबह 3 बजे से भक्तों को केदारनाथ भेजने का सिलसिला शुरू हो गया था। सेक्टर मजिस्ट्रेट अरूण राणा ने बताया कि खराब मौसम के चलते दोपहर 12 बजे तक ही यात्री आगे भेजे गए। वहीं स्वास्थ्य विभाग के दलों ने सोनप्रयाग से केदारनाथ तक 2260 यात्रियों की जांच की।
ये भी पढ़ें...Uttarakhand: किशोरी के साथ हैवानियत, बेहोश कर हर रोज कई बार किया जाता दुष्कर्म, होश में आते ही फिर देते नशा
इस दौरान 68 यात्रियों को ऑक्सीजन की सुविधा दी गई। वहीं बुधवार को केदारनाथ में पूर्वाह्न करीब 11.30 बजे के बाद यहां बादल छाने लगे और कुछ ही देर में बारिश शुरू हो गई। लगभग एक घंटे तक धाम में बारिश हुई।