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केदारनाथ में तबाही ला सकती है मंदाकिनी
अमर उजाला, देहरादून
Updated Wed, 30 Oct 2013 11:38 PM IST
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केदारनाथ धाम को मंदाकिनी नदी फिर से तबाह कर सकती है। नदी ने पहले से आपदा के बाद अपना रास्ता बदल दिया है। यह बात खुद आर्कियोलाजिकल सर्वे आफ इंडिया (एएसआई) स्वीकार रहा है।
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आस-पास के गांवों के लिए खतरा
पहले यह नदी मंदिर के दाईं तरफ से बह रही थी, अब इसका प्रवाह बाईं तरफ से हो रहा है।इसके मंदिर के 200 मीटर पीछे से बहने की वजह से अत्यधिक वर्षा या भूस्खलन की स्थिति में विशेषज्ञ मंदिर समेत आस-पास के गांवों के लिए खतरा मान रहे हैं। एएसआई (दून सर्किल) के अधीक्षण पुरातत्वविद् अतुल भार्गव के अनुसार केदारनाथ क्षेत्र तो खतरे की जद में हैं।
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मलबा हटाने को लेकर सहमति नहीं
इसके अलावा अगस्त्यमुनि, विजयनगर समेत रूद्रप्रयाग जिले समेत इसके आस-पास पड़ने वाले कई क्षेत्र इस नदी की वजह से भविष्य में प्रभावित हो सकते हैं। केदारनाथ में रिवर बेड गांवों से ऊपर हो गया है, जो मुश्किल बन सकता है।
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समस्या यह है कि मंदिर के आस-पास मलबे को हटाए जाने समेत तमाम पुनर्निर्माण को लेकर जीएसआई की रिपोर्ट पर काम होना है। उसने मलबे को हटाने को लेकर सहमति नहीं दी है।
एएसआई मंदिर के भीतरी स्वरूप का पुनरुद्धार करने में जुटा है, लेकिन अब मौसम की वजह से इसमें भी बाधा खड़ी हो गई है। इस कार्य में अगला सीजन भी लगने की संभावना है।