जान देनी है तो केदार-बदरी हाईवे पर जाएं
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रविवार को बंद हुआ बदरीनाथ राष्ट्रीय राजमार्ग सोमवार सुबह साढे़ दस बजे खोल दिया गया और वाहनों की आवाजाही शुरू हो गई।
हाईवे खुलने पर तीर्थयात्री अपने गंतव्य हो रवाना हुए। यहां हाईवे तो खुल गया है लेकिन हिल साइड बडे़-बड़े बोल्डर और टनों मलबा अभी भी अटका होने से खतरा बरकरार है। हाईवे कभी भी बंद हो सकता है।
सोमवार सुबह बदरीनाथ राष्ट्रीय राजमार्ग खुलने के बाद जैसे ही वाहनों की आवाजाही शुरू करवाई गई, तो लामबगड़ गदेरे में तीर्थयात्रियों से भरी बस फंस गई। इसके बाद हाईवे पर एक घंटे तक आवाजाही बंद रही।
बीआरओ के मजदूरों और जेसीबी की मदद से सोमवार सुबह साढे़ दस बजे हाईवे को वाहनों की आवाजाही के लिए खोला गया।
हाईवे को सुचारु रख पाना कठिन
इसके बाद बदरीनाथ धाम से 210 तीर्थयात्री अपने गंतव्य के लिए रवाना हुए, जबकि जोशीमठ से 179 तीर्थयात्रियों ने बदरीनाथ धाम के लिए प्रस्थान किया। सीमा सड़क संगठन के कमांडर कर्नल निलेश चंदाराना का कहना है कि लामबगड़ भूस्खलन क्षेत्र पूरी तरह से बारिश पर निर्भर है।
बारिश हुई तो हाईवे को सुचारु रख पाना कठिन है। उन्होंने कहा कि लामबगड़ गदेरे के हिल साइड पर अभी भी पत्थर और मलबा अटका हुआ है, जो बारिश होने पर कभी भी परेशानी का सबब बन सकता है।
भारी बारिश होने पर लामबगड़ में तीर्थयात्रियों के वाहनों को सुरक्षित स्थानों पर रोकने के निर्देश दिए गए हैं। रुक-रुककर बारिश हो रही है, जिससे हाईवे को सुचारु रखना दिक्कत भरा है, जबकि जोशीमठ और बदरीनाथ धाम में तीर्थयात्रियों के लिए सभी सुविधाएं उपलब्ध हैं। - एसए मुरुगेशन, डीएम, चमोली।
केदारनाथ राष्ट्रीय राजमार्ग अवरुद्ध
केदारनाथ राष्ट्रीय राजमार्ग का विभिन्न स्थानों पर अवरुद्ध होने का सिलसिला जारी हो चुका है। सोमवार को भी राजमार्ग विभिन्न स्थानों पर बाधित होता रहा। जिससे लोगों ने काफी परेशानी झेली।
यहां बता दे कि बारिश से आए मलबे के कारण रविवार को केदारनाथ राष्ट्रीय राजमार्ग बांसवाड़ा से चंद्रापुरी के बीच लगभग सात घंटे अवरुद्ध रहा था। बीआरओ ने राजमार्ग को अपराह्न 3.30 बजे के बाद मार्ग चालू कर दिया था। लेकिन रविवार रात बारिश के कारण फिर विभिन्न स्थानों पर मलबा आ गया।
मलबा आने के कारण गंगतल और बांसवाड़ा में सोमवार सुबह से वाहनों का आवागमन नहीं हो पाया। सुबह नौ बजे तक बीआरओ ने गंगतल में मलबा हटा दिया था। जबकि बांसवाड़ा से करीब आधा किमी आगे दोपहर साढे़ 12 बजे के बाद ही मलबा हटाने पर यातायात चालू हो पाया। लेकिन इसके बाद भी यहां बार-बार मलबा आता रहा। जिससे यातायात रुक-रुककर चलता रहा।
35 मीटर पैच में दरार
इधर, विजयनगर में सुबह केदारनाथ राष्ट्रीय राजमार्ग के 35 मीटर पैच में दरार पड़ गई। धीरे-धीरे यहां दरार चौड़ी होती चली गई। जिससे यहां बडे़ माल वाहक वाहनों का संचालन बंद हो गया। अपराह्न तीन बजे के बाद लगभग 20 मीटर पैच में आधी सड़क ध्वस्त हो गई। जिससे यहां छोटे-बडे़ वाहनों की आवाजाही रुक गई।
बड़ा हादसा टला
विजयनगर में बड़ा हादसा टल गया। सुबह सड़क को ढकने के लिए यहां पर कुछ मजदूर तिरपाल लगा रहे थे। सड़क ढहने से कुछ समय पूर्व ही वहां से हटे थे। यदि घटना के वक्त वह काम कर रहे होते, तो वह मजदूर मंदाकिनी नदी में जा गिरते।
पांच घंटे बाद खुला गंगोत्री हाईवे
रविवार रात को जिले के विभिन्न हिस्सों में गरज के साथ मूसलाधार बारिश हुई। बारिश से भूस्खलन सक्रिय होने से गंगोत्री हाईवे फिर अवरुद्ध हो गया। हालांकि बीआरओ ने सोमवार सुबह दस बजे तक मलबा साफ कर यातायात बहाल कर दिया।
गंगोत्री हाईवे रविवार को गंगोरी गरम पानी और लाटा के पास मलबा और भारी बोल्डर आने से अवरुद्ध हो गया था जिससे दोनों ओर बड़ी संख्या में यात्री वाहन करीब पांच घंटे तक फंसे रहे।
तेखला एवं गंगोरी के बीच एक बड़ा पेड़ उखड़कर हाईवे पर गिरने से यातायात अवरुद्ध हुआ। बीआरओ ने सुबह दस बजे तक मलबा साफ कर यातायात चालू करवा दिया था। नेताला के पास सड़क का करीब सौ मीटर हिस्सा दलदल में तब्दील हो गया है, जिससे वाहनों को आवाजाही में दिक्कत हो रही है।