उत्तराखंड: काशीपुर में रोडवेज बस ने कांवड़िये को कुचला, शव की नहीं हो सकी शिनाख्त
- कांवड़ियों ने कई जगह लगाया जाम, एक रोडवेज की बस में तोड़फोड़ का प्रयास
- आरोपी की तत्काल गिरफ्तारी और मुआवजे के आश्वासन पर हुए शांत
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काशीपुर के कुंडा थाने के ग्राम मिस्सरवाला में रोडवेज बस ने एक कांवड़िये को कुचल दिया। सूचना पर पहुंची पुलिस ने शव कब्जे में लेकर मोर्चरी भेजा। शव की शिनाख्त नहीं हो सकी है। इधर, हादसे की भनक लगते ही कांवड़ियों में आक्रोश फैल गया। कांवड़ियों ने कई स्थानों पर जाम लगाकर हंगामा किया। उन्होंने रोडवेज की एक बस में आंशिक तोड़फोड़ की। बाद में आरोपी की गिरफ्तारी का आश्वासन मिलने पर कांवड़िये शांत हुए।
मंगलवार को शामली (मेरठ) से रोडवेज की बस (यूके 07 पीए 2038) हल्द्वानी जा रही थी। दोपहर करीब 2:40 बजे ग्राम मिस्सरवाला के सामने बस चालक ने हरिद्वार से झूलेश्वरी की ओर जा रहे एक कांवड़िये को टक्कर मार दी। हादसे में कांवड़िये की मौके पर ही मौत हो गई। साथ चल रहे अन्य कांवड़ियों ने 112 नंबर पर पुलिस को सूचना दी। सूचना पर कुंडा थाना प्रभारी राजेश यादव पुलिस फोर्स के साथ मौके पर पहुंच गए।
वहीं बस हादसे में कांवड़िये की मौत की खबर फैलते ही हरिद्वार से आ रहे कांवड़ियों में आक्रोश भड़क गया। कांवड़ियों के एक जत्थे ने गंगेबाबा रोड पर जाम लगाकर हल्द्वानी डिपो की बस (यूके 07 पीए 1936) को रोककर उसमें तोड़फोड़ करने का प्रयास किया लेकिन बस में सवार यात्रियों की सुरक्षा को देखते हुए वे शांत हो गए। इसके बाद कांवड़ियों ने बैलजूड़ी मोड़ पर जाम लगा दिया।
पुलिस के फूले हाथ-पांव
हादसे में एक कांवड़़िये की मौत और अन्य कांवड़ियों के जाम लगाने सूचना पर एसडीएम सुंदर सिंह, एसपी क्राइम देवेंद्र पिंचा, एएसपी राजेश भट्ट, जसपुर विधायक आदेश चौहान, कोतवाल चंद्रमोहन सिंह और कुंडा प्रभारी राजेश यादव वहां पुलिस फोर्स के साथ पहुंच गए।
कांवड़ियों ने कहा कि यहां किसी भी चौराहे और रास्तों पर सुरक्षा के इंतजाम नहीं है। कांवड़ियों ने चंद्रावती कन्या महाविद्यालय और एमपी चौक पर भी जाम लगाया। जगह-जगह जाम से पुलिस के हाथ पांव फूल गए। इसी दौरान भाजपा और बजरंग दल के नेता भी कांवड़ियों के समर्थन में आ गए। उन्होंने आरोपी बस चालक की तत्काल गिरफ्तारी और दिवंगत शिवभक्त के आश्रितों को मुआवजा दिलाने की मांग की।
इस पर एसडीएम ने संबंधित विभाग से मुआवजे के लिए पत्राचार करने का भरोसा दिलाया। पुलिस अधिकारियों के एक घंटे के भीतर आरोपी की गिरफ्तारी करने के आश्वासन पर शिवभक्त शांत हुए। वहां भाजपा नेता गुरविंदर सिंह चंडोक, प्रशांत पंडित, आकाश कांबोज, मनोज बाली, राजीव परनामी, बंता पोपली आदि थे।
नहीं हो सकी मृत कांवड़िये की शिनाख्त
मृतक कांवड़िये के पास से मोबाइल फोन और कोई दस्तावेज उपलब्ध न मिलने के चलते उसकी शिनाख्त नहीं हो सकी है। अलबत्ता मृतक कांवड़िये के खेड़ा (रुद्रपुर) के होने की बात कही जा रही है। घटनास्थल पर कुछ कांवड़ियों ने मृतक की पहचान करने का प्रयास किया लेकिन चेहरा बुरी तरह कुचल जाने से उसकी शिनाख्त नहीं हो सकी। इससे शव के पंचनामे की कार्रवाई शुरू नहीं हो सकी है।
आरोपी चालक-परिचालक बस छोड़कर भागे
मिस्सरवाला में कांवड़िये को टक्कर मारकर फरार हुए रोडवेज बस के चालक और परिचालक सड़क किनारे बस खड़ी कर फरार हो गए। रुद्रपुर कोतवाली पुलिस के अनुसार सूचना मिलने पर रुद्रपुर पुलिस ने बस को पुलिस लाइन में खड़ा कराया। आरोपी बस चालक शामली (मेरठ) का निवासी बताया गया है। समाचार लिखे जाने तक मामले में रिपोर्ट दर्ज नहीं हो सकी थी।
सात वर्षों से कांवड़ लेकर आ रहा था मृतक
जिस जत्थे में शामिल कांवड़िये की मौत हुई है, उसने सोमवार रात को बिजनौर के ग्राम सुआवाला में शिव पंडाल में विश्राम किया था। सुआवाला से दूसरे जत्थे में कांवड़ लेकर आई रुद्रपुर की रम्पुरा निवासी प्रीती और भूतबंगला निवासी शिवानी ने बताया कि उक्त कांवड़िया उनके साथ ही सुआवाला में रुका था। मंगलवार को सुबह छह बजे वह वहां से चले थे। उन्होंने बताया कि कांवड़िया खेड़ा (रुद्रपुर) का निवासी था। युवतियों के मुताबिक मृतक कांवड़िये ने इस दौरान उन्हें बताया था कि वह पिछले सात वर्षों से कांवड़ लेकर आ रहा था।