कौथिग: मायानगरी पर चढ़ा उत्तराखंड की संस्कृति का रंग
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प्रवासी उत्तराखंडियों के नौवें कौथिग महोत्सव का मायानगरी मुंबई में नंदा की शोभायात्रा के साथ रंगारंग आगाज हो गया। परंपरा के अनुसार नंदा की डोली बेलापर से कौथिग स्थल नेरुल के रामलीला मैदान पहुंची। नंदा की शोभायात्रा में स्कूली बच्चों, उत्तराखंड से आई छोलिया नृत्य की टोली ने समां बांधा।
उत्तराखंड के प्रवासी लोग पिछले आठ वर्षों से मुंबई में यह बड़ा आयोजन कर रहे हैं। इसमें उत्तराखंड के अलावा मुंबई के विभिन्न सांस्कृतिक मंच अपनी प्रस्तुति देते हैं। अमर उजाला इस पूरे कार्यक्रम का मीडिया पार्टनर है।
शुक्रवार को कार्यक्रम का उद्घाटन उत्तराखंड के कृषि मंत्री डॉ. हरक सिंह रावत ने किया। उन्होंने प्रवासी उत्तराखंडियों को बताया कि हिमाचल की तर्ज पर उत्तराखंड भी अपने उत्पादों की आक्रामक मार्केटिंग पर जोर दे रहा है।
उत्तराखंड के पहाड़ी व्यंजनों से सजे स्टाल
यहां हाई क्वालिटी के रेशम, मशरूम और सेब पर तेजी से काम हो रहा है। उत्तराखंड ने रेशम उत्पादन में हिमाचल को पीछे छोड़ दिया है। शीघ्र ही कश्मीर से भी इस मामले में हम आगे होंगे।
इसके अलावा सरकार चकबंदी कानून को लेकर भी गंभीर है। हम बहुत जल्द इसके अच्छे स्वरूप को लेकर आपके सामने होंगे। कार्यक्रम में मौजूद भाजपा सांसद व पूर्व मुख्यमंत्री रमेश पोखरियाल ‘निशंक’ ने कहा कि उत्तराखंड लोगों को शुद्ध हवा और पानी देने वाला राज्य है।
कौथिग प्रांगण में इस बार उत्तराखंड से कृषि निदेशालय की टीमें पहाड़ के कई उत्पादों को लेकर आई हैं। इनके स्टॉलों पर काफी भीड़ उमड़ रही है। सामाजिक संस्था धाद की ओर से पहाड़ी व्यंजनों के स्टाल पर सबसे ज्यादा भीड़ दिखी। कौथिक में लोक संस्कृति से जुड़े कई गीत और लोक नृत्य प्रस्तुत किए जाएंगे।
आयोजन में दिखेगा उत्तराखंड की संस्कृति का रंग
आयोजन की शुरुआत सुरेश काला ने ‘जय बदरी... जय कैलाश’ गीत से की। इसके बाद दुर्गा आराधना की गई। साथ ही ‘जय जय उत्तराखंड महान...’ गीत पर रश्मि बड़थ्वाल और उनके साथियों ने लोकनृत्य प्रस्तुत किया।
इस आयोजन में कुमाऊं के न्यूली छपेली गीत और नृत्य भी प्रस्तुत किए गए। आयोजन में विशेष रूप से मुकेश खुगशाल की नंदा पर फोटोग्राफी और प्रतिमा वत्स की चिपको मूवमेंट पर तैयार पेंटिंग दर्शकों के लिए रखी गई है। मंच संचालन कौथिग के महासचिव केशर सिंह बिष्ट ने किया। इस मौके पर बड़ी संख्या में प्रवासी उत्तराखंडी और मुंबईकर मौजूद रहे।