काटजू के बीफ खाने वाले बयान पर खटखटाया कोर्ट का दरवाजा
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सुप्रीम कोर्ट के न्यायाधीश (सेवानिवृत्त) एवं प्रेस काउंसिल ऑफ इंडिया के पूर्व चेयरमैन मार्कंडेय काटजू की ओर से गोमांस को लेकर दिए बयान को लेकर एक अधिवक्ता ने कोर्ट का दरवाजा खटखटाया है।
अधिवक्ता अरुण कुमार भदौरिया ने हरिद्वार में प्रथम अपर सिविल जज (एसडी) सुधीर कुमार सिंह की कोर्ट में परिवाद दायर करने को पत्र दाखिल किया है।
पत्र में बताया गया कि तीन अक्तूबर को आईआईटी बीएचयू वाराणसी में दिए गए बयान में काटजू ने कहा है कि ‘वह गोमांस खाते हैं उन्हें भला इससे कौन रोक सकता है। दुनियाभर के लोग इसे खाते हैं। गाय जानवर है उसे माता मानना बेवकूफी है’।
धार्मिक भावनाएं भड़काने का आरोप
अधिवक्ता का आरोप है कि उनका यह बयान धार्मिक भावनाएं भड़काने वाला है। आरोप है कि पूर्व न्यायाधीश ने जानबूझकर धार्मिक भावनाओं को ठेस पहुंचाई है। जबकि मुगल सम्राटों ने भी गो हत्या पर पूरी तरह से रोक लगाई थी। सुप्रीम कोर्ट ने भी अपने आदेश में कहा था कि गोवंश संतुलित आहार दूध देकर राष्ट्र के स्वास्थ्य को बनाए रखती है।
एसएसपी, एसओ को लिखित में शिकायत सौंपने के बाद भी कार्रवाई न होने पर उन्होंने कोर्ट का दरवाजा खटखटाया। कोर्ट ने अधिवक्ता को चार नवंबर को कोर्ट में पेश होकर बयान दर्ज कराने को कहा है।