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काठगोदाम एक्सप्रेस के आगे आई बस

Thu, 08 Aug 2013 07:54 PM IST
देहरादून/ब्यूरो
देहरादून/ब्यूरो Updated Thu, 08 Aug 2013 07:54 PM IST
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Kathgodam Express

हरिद्वार बाईपास स्थित रेलवे फाटक पर बृहस्पतिवार सुबह काठगोदाम एक्सप्रेस फाटक क्रास कर रही रोडवेज बस से टकरा गई। ट्रेन आने के बावजूद यहां फाटक बंद नहीं किया गया था।

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टक्कर के बाद बस ट्रैक पर ही पलट गई। हालांकि, ट्रेन चालक के इमरजेंसी ब्रेक लगाने से बड़ा हादसा टल गया। सूचना पर पहुंची पुलिस ने बस में फंसे यात्रियों को निकाला।
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हालांकि, कोई घायल नहीं हुआ था। बाद में क्रेन की मदद से बस को हटाया गया। इस दौरान ढाई घंटे तक दून से ट्रेनों का संचालन बंद रहा।

बड़ा हादसा टला
गुरुवार सुबह 3:45 बजे टनकपुर से दून आ रही रोडवेज बस यूके07-पीए-0835 हरिद्वार बाईपास स्थित रेलवे फाटक पर पहुंची। बताया जा रहा है कि गेटमैन ने तब तक फाटक बंद नहीं किया था। ऐेसे में चालक ने बस आगे बढ़ा दी, लेकिन बस के ट्रैक से पार होने से पहले ही काठगोदाम एक्सप्रेस वहां पहुंच गई।
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बस ट्रैक पर ही पलट गई
ट्रेन ने बस के पिछले हिस्से को जोरदार टक्कर मारी, जिससे बस ट्रैक पर ही पलट गई। हालांकि, ट्रेन की गति तब काफी धीमी थी। टक्कर लगते ही ट्रेन चालक ने इमरजेंसी ब्रेक लगा दिए, जिससे ट्रेन रुक गई। बस में उस वक्त चालक परिचालक समेत 12 यात्री सवार थे।

हादसे की सूचना मिलते ही दून रेलवे स्टेशन के अधीक्षक समेत अन्य अधिकारी और रोडवेज अफसर भी मौके पर पहुंच गए। एसओ नेहरू कालोनी अबुल कलाम भी मयफोर्स आ गए।

ढाई घंटे की मशक्कत के बाद बस को खड़ा कर वर्कशॉप पहुंचाया गया। बस में सवार यात्री डरे हुए थे, लेकिन किसी को चोट नहीं आई थी। बस से निकलने के बाद सभी खुद ही गंतव्य को निकल गए।

मेरी तो सांसें थम गईं
बड़ा खौफनाक मंजर था। मैंने तो आंखें बंद कर लीं। जोरदार धमाके की आवाज के कुछ देर बाद आंखें खोलीं तो देखा बस एक ओर पलटी हुई है। जानमाल के बड़े नुकसान के डर से मैं बस की ओर दौड़ा, लेकिन भगवान का शुक्र रहा कि किसी को कुछ नहीं हुआ।

यह कहना था हादसे के प्रत्यक्षदर्शी धनवीर का। धनवीर रेलवे फाटक के पास ही रहता है और यहां भुट्टे की ठेली लगाता है। हर रोज 03:30 बजे उठना और भुट्टों की सफाई करना उसकी दिनचर्या का हिस्सा है। इसके बाद चार बजे तक वह फाटक के पास ठेली लगा लेता है।

फाटक नहीं गिरा
गुरुवार को जिस वक्त हादसा हुआ वह ठेली ही लगा रहा था। धनवीर ने बताया कि हर रोज पौने चार बजे तक फाटक गिर जाता था, लेकिन गुरुवार को ऐसा नहीं हुआ तो उसे बड़ी हैरत हुई। इससे पहले कि वह कुछ समझ पाता, ट्रेन बस से जा टकराई।


दिन भर लगता रहा जाम
बस पलटने से फाटक के पास स्थित एक बिजली का पोल भी क्षतिग्रस्त हो गया। दिनभर रेलवे कर्मचारी फाटक पर मरम्मत का कार्य करते रहे। इस दौरान यहां दिनभर जाम लगता रहा।

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