फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttarakhand ›   Dehradun News ›   Kargil Vijay Diwas 2022: Government Forget Martyr Manish Thapa in 23 Years

Kargil Vijay Diwas 2022: बेटे के सम्मान के लिए पथरा गई मां की आंखें, 23 साल में ही भूल गई सरकार

Tue, 26 Jul 2022 05:54 PM IST
अलका त्यागी मनोज राणा, अमर उजाला, ऋषिकेश
मनोज राणा, अमर उजाला, ऋषिकेश Published by: अलका त्यागी Updated Tue, 26 Jul 2022 05:54 PM IST
सार

सरकार की कुछ घोषणाएं तो धरातल पर साकार हो गई। लेकिन कुछ घोषणाएं अभी भी ऐसी हैं जो आज तक पूरा नहीं हुए हैं।

विज्ञापन
Kargil Vijay Diwas 2022: Government Forget Martyr Manish Thapa in 23 Years
शहीद मनीष थापा कर परिवार - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

26 जुलाई 1999 में कारगिल युद्ध में कई सैनिक शहीद हुए थे। तीर्थनगरी का लाल मनीष थापा भी इस युद्ध में भारत मां की सेवा करते शहीद हो गया था। युद्ध में शहीद हुए सैनिकों के सम्मान में केंद्र सरकार ने पेट्रोल पंप का लाइसेंस, शहीद स्मारक द्वार, भूमि समेत कई घोषणाएं की। सरकार की कुछ घोषणाएं तो धरातल पर साकार हो गई। लेकिन कुछ घोषणाएं अभी भी ऐसी हैं जो आज तक पूरा नहीं हुए हैं। शहीद के सम्मान के लिए परिजन शासन-प्रशासन के चक्कर काटने को मजबूर हैं। 

विज्ञापन


Kargil Vijay Diwas: शहीदों की शहादत की कद्र नहीं, कहीं शिलापट गायब तो कहीं मिट गए निशान, तस्वीरें
विज्ञापन


गली नंबर एक अपर गंगानगर ऋषिकेश निवासी शहीद मनीष थापा के बड़े भाई मनोज थापा ने बताया कि कारगिल युद्ध में उनका छोटा भाई 19 वर्षीय मनीष थापा शहीद हो गया था। भाई के शहीद होने पर परिजनों में दुखों का पहाड़ टूट गया। केंद्र सरकार ने शहीद की याद में उन्हें वीरपुर खुर्द में करीब पांच बीघा भूमि उपलब्ध कराई।
विज्ञापन
विज्ञापन


इसके साथ ही शहीद के याद में पेट्रोल पंप का लाइसेंस मिलना था। 23 साल गुजर गए हैं, लेकिन आज तक उन्हें पेट्रोल पंप का लाइसेंस नहीं मिला है। कहा वीरपुर खुर्द में उन्हें जितनी जमीन मिली थी कुछ जमीन में रंभा नदी के कारण पुस्ता निर्माण हो गया है, अब उनके पास कितनी भूमि है इसकी नापजोख नहीं की है।

शहीद मनीष थापा की मां 75 वर्षीय राधा देवी ने बताया कि एक मां की धन दौलत उसके लिए उसकी संतान होती है। मुझे गर्व है कि मेरा लाल भारत मां की सेवा करते शहीद हुआ। उसकी याद में सरकार ने उन्हें पेट्रोल पंप का लाइसेंस भी देने की घोषणा की थी। लेकिन वह उन्हें आज तक नहीं मिला है। करीब 23 साल बीत गए हैं, लेकिन केंद्र सरकार को शहीद के परिजनों को मिलने वाली आर्थिक मदद की सुध नहीं आ रही है। 

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed