सावन 2019: पहली कांवड़ के बाद पति की हो गई थी मौत, अब पत्नी ने उठाया सपने को पूरा करने का बीड़ा
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तीन साल पहले पहली कांवड़ लाने के बाद पति की मौत हो गई तो अब सपने को पूरा करने के लिए पत्नी ने ये बीड़ा उठाया है। महिला जोड़ी कांवड़ उठा कर सपना पूरा करने की ठानते हुए हरिद्वार जल लेने पहुंच गई। उन्होंने बताया कि वह दो दिन पहले कांवड़ जल लेने के लिए हरिद्वार पहुंची थीं।
शुक्रवार को हरिद्वार से कांवड़ लेकर आ रही हरियाणा के फरीदाबाद निवासी ओमवती ने अमर उजाला को बताया कि उनके पति गिरधारी लाल तीन साल पहले पहली कांवड़ लेने के लिए 2015 में हरिद्वार आए थे।
उनकी जनवरी 2016 में अचानक बीमारी के बाद मौत हो गई थी। घर में बच्चे छोटे होने से कांवड़ को लाने वाला कोई और नहीं था। इसको पूरा करने के लिए उन्होंने ठान ली थी, इसलिए वह दो दिन पहले बुधवार को कांवड़ लेने के लिए हरिद्वार आई थीं। अब वह कांवड़ में जल लेकर हरिद्वार से फरीदाबाद जा रही हैं।
अचानक तबियत बिगड़ने से कांवड़िए की मौत
हरिद्वार में अचानक तबियत बिगड़ने से एक कांवड़िए की मौत हो गई। पुलिस ने पोस्टमार्टम के बाद शव परिजन को सौंप दिया। एसओ हरिओमराज चौहान ने बताया कि ज्वालापुर क्षेत्र में अचानक तबियत बिगड़ने पर एक कांवड़िए बलजीत (38) पुत्र करण सिंह निवासी भवानीखेड़ा भिवानी हरियाणा को रामकृष्ण मिशन अस्पताल लाया गया था, जहां उसे चिकित्सकों ने मृत घोषित कर दिया। संभवत दिल का दौरा पड़ने से कांवड़िए की मौत हुई है।
हरकी पैड़ी क्षेत्र में गंगा में डूब रहे दो कांवड़ियों को जल पुलिस ने बचा लिया। शुक्रवार की दोपहर मालवीय द्वीप गंगा घाट के पास डूब रहे एक कांवड़िए का जल पुलिस के जवान सन्नी कुमार ने कुछ ही दूरी पर निकाल लिया। कांवड़िए की पहचान हरिओम पुत्र रामगोपाल निवासी शाहजहांपुर यूपी के रूप में हुई। दूसरी तरफ कांवड़िए विशाल पुत्र विनोद निवासी बहादुरगढ़ हरियाणा को कांगड़ा घाट के पास डूबते हुए बचाया गया।