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उत्तराखंड: आफत की बारिश, कपकोट में भारी नुकसान, सात दिन से गुंजी में फंसे 114 कैलाश यात्री

Sat, 14 Jul 2018 10:50 AM IST
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, बागेश्वर/कपकोट/पिथौरागढ़
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, बागेश्वर/कपकोट/पिथौरागढ़ Updated Sat, 14 Jul 2018 10:50 AM IST
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kailash mansarovar yatra 2018 due to rain devotee stuck in gunji from 7 days
दुकान के मलबे के ढेर में बैठे आपदा प्रभावित

कुमाऊं के पर्वतीय इलाकों में बारिश ने आफत मचा रखी है। रविवार से रोजाना हो रही बारिश से ग्राम पंचायत कपकोट को खासा नुकसान हुआ है। कालीगौन गधेरे में बनी पैदल पुलिया, नहर और रास्ते ध्वस्त हो गए हैं।

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कैलाश मानसरोवर यात्रा के तीसरे दल के यात्री छह जुलाई जबकि और चौथे दल के यात्री 10 जुलाई से गुंजी में फंसे हैं। दोनों दलों के कुल 114 यात्री यहां फंसे हैं। तीसरे दल का एक यात्री अकेला ही गुंजी से बूंदी पहुंच गया, जिसे शुक्रवार को हेलीकॉप्टर द्वारा धारचूला लाया गया। वहीं, सातवां दल अभी पिथौरागढ़ से गुंजी को उड़ान नहीं भर पाया है।
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कपकोट में दूणी-सुकंडा सड़क चार दिन बाद भी नहीं खुल सकी है। सड़क बंद होने से दूणी में पांच जीपें फंसी हैं। इससे ग्रामीणों का घरों से बाहर निकलना मुश्किल हो गया है। गांव में जरूरी सामान भी नहीं पहुंच पा रहा है। बारिश के बाद गाड़-गधेरों के साथ ही सरयू उफान पर आ गई। सरयू के उफान पर आने के बाद प्रशासन ने अलर्ट घोषित कर दिया।

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24 घंटों में सिर्फ तीन की सड़कें खुल पाईं

kailash mansarovar yatra 2018 due to rain devotee stuck in gunji from 7 days
high way

इधर, बृहस्पतिवार देर शाम कपकोट में भारी बारिश के बाद भूस्खलन से आए मलबें में दबने से एक गाय की मौत हो गई।  कपकोट में पिछले 24 घंटों में 132.50 मिमी बारिश दर्ज की गई। बागेश्वर जिले में बारिश और भूस्खलन से 19 सड़कें बंद हैं। बृहस्पतिवार तक 22 मार्ग बंद थे। पिछले 24 घंटों में सिर्फ तीन की सड़कें खुल पाईं। 

चंपावत एसडीएम हेमंत कुमार वर्मा ने  धौलीगंगा पावर स्टेशन को पानी छोड़ने से पूर्व अवगत कराने को पत्र लिखा है। उन्होंने कहा है कि पावर स्टेशन से पानी छोड़ने से पहले सूचना जरूर दें ताकि एहतियात बरती जा सके। वहीं, दो जुलाई की अतिवृष्टि ने गोरीपार (मुनस्यारी) क्षेत्र के बसंतकोट, जौलढुंगा के लोगों को मुसीबत में डाल दिया है। मदकोट से बसंतकोट-जौलढुंगा जाने वाली सड़क नाले में तब्दील हो गई है, लोग जान जोखिम में डालकर आवागमन कर रहे हैं।

इधर, हल्द्वानी में शुक्रवार सुबह छह से 10 बजे तक चार घंटे की झमाझम बारिश के बाद खिली चटक धूप ने बेहाल कर दिया। राज्य मौसम विज्ञान केंद्र ने उत्तराखंड में कई स्थानों में हल्की से मध्यम बारिश की संभावना जताई है। शुक्रवार को हल्द्वानी का अधिकतम तापमान 31.7 और न्यूनतम तापमान 24.6 डिग्री सेल्सियस रहा। 

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