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कैलास मानसरोवर यात्रा मार्ग पर बर्फ की चादर
अमर उजाला, डीडीहाट
Updated Thu, 17 Apr 2014 01:10 AM IST
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भारत तिब्बत सीमा पुलिस की टीम कैलास मानसरोवर यात्रा मार्ग की स्थिति का जायजा लेने के बाद वापस लौट आई है। टीम ने अपनी रिपोर्ट आईटीबीपी के सेनानी को सौंप दी है।
आईटीबीपी के सेनानी केदार सिंह रावत ने बुधवार को यहां बताया कि नाभीढांग से लिपुलेख तक अभी चार से पांच फीट तक बर्फ जमा है। अब भी वहां हिमपात हो रहा है।
पैदल रास्ता बर्फ से पूरी तरह ढका है। इतना तय है कि इस बार जून तक इन इलाकों में बर्फ मौजूद रहेगी।
जून से शुरू होगी यात्रा
कैलास मानसरोवर यात्रा जून से शुरू होगी। पिछले साल तक प्रथम दो दलों को लिपुलेख में बर्फ से होकर जाना पड़ा था। सेनानी ने बताया कि नाभीढांग से लिपुलेख तक आठ किलोमीटर के दायरे में पैदल रास्ते का नामोनिशान मिटा है।
बर्फ हटाने में अभी लंबा समय लगेगा। इस बीच मौसम खराब होने से हिमपात का जारी है।
गृह मंत्रालय को सौंपी रिपोर्ट
सेनानी ने अपनी रिपोर्ट गृह मंत्रालय को सौंप दी है। साथ ही जिलाधिकारी को भी रास्ते की जानकारी दे गई है। कुमाऊं मंडल विकास निगम के अधिकारियों को भी रास्ते की स्थिति से अवगत करा दिया गया है।
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आईटीबीपी के सेनानी केदार सिंह रावत ने बुधवार को यहां बताया कि नाभीढांग से लिपुलेख तक अभी चार से पांच फीट तक बर्फ जमा है। अब भी वहां हिमपात हो रहा है।
पैदल रास्ता बर्फ से पूरी तरह ढका है। इतना तय है कि इस बार जून तक इन इलाकों में बर्फ मौजूद रहेगी।
जून से शुरू होगी यात्रा
कैलास मानसरोवर यात्रा जून से शुरू होगी। पिछले साल तक प्रथम दो दलों को लिपुलेख में बर्फ से होकर जाना पड़ा था। सेनानी ने बताया कि नाभीढांग से लिपुलेख तक आठ किलोमीटर के दायरे में पैदल रास्ते का नामोनिशान मिटा है।
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बर्फ हटाने में अभी लंबा समय लगेगा। इस बीच मौसम खराब होने से हिमपात का जारी है।
गृह मंत्रालय को सौंपी रिपोर्ट
सेनानी ने अपनी रिपोर्ट गृह मंत्रालय को सौंप दी है। साथ ही जिलाधिकारी को भी रास्ते की जानकारी दे गई है। कुमाऊं मंडल विकास निगम के अधिकारियों को भी रास्ते की स्थिति से अवगत करा दिया गया है।
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