योगा फेस्ट में पहुंचे कैलाश खेर, देखें कैसे की धमाकेदार एंट्री
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पद्श्री सूफी गायक कैलास खेर सोमवार शाम देहरादून पहुंचे। इस दौरान उन्होंने योगा फेस्ट में धमाकेदार एंट्री की। उनकी संगीत प्रस्तुति का जादू युवाओं के सर चढ़कर बोला।
अंतरराष्ट्रीय योग महोत्सव की छठी शाम सूफी गायक पद्मश्री कैलास खेर के नाम रही। इस दौरान उन्होंने कई शानदार गीत प्रस्तुत किए। जिन पर दर्शक जमकर थिरके। कार्यक्रम में शामिल सैकड़ों की तादाद में विदेशी श्रोताओं ने भी गीत-संगीत का लुत्फ उठाया।
कार्यक्रम का उद्घाटन सोमवार देर शाम परमार्थ निकेतन गंगातट पर आश्रमाध्यक्ष स्वामी चिदानंद सरस्वती ने किया। इस अवसर पर सूफी गायक कैलास खेर ने अगड़ बम बम बम लहरी, कौन है वो कौन है वो कहां से वो आया.., तेरी दीवानी समेत कई प्रस्तुतियां दीं। कार्यक्रम में मौजूद देशी-विदेशी योग साधक जमकर थिरके। सूफी अंदाज को सुनने के लिए लोग देर रात तक वहां डटे रहे।
सफलता का कोई शॉर्टकट नहीं
वहीं उन्होंने पत्रकारों से बातचीत में कहा कि युवा ही देश की तकदीर बदल सकते हैं। उन्हें जीवन में हिम्मत व आत्मविश्वास के साथ आगे बढ़ना चाहिए। उन्होंने गायन व संगीत के क्षेत्र में पर्दापण करने वाली प्रतिभाओं को कठोर मेहनत व रियाज पर ध्यान देने को कहा। उन्होंने कहा कि वह रातोंरात हीरो बनने की ख्वाइश न पालें।
अंतरराष्ट्रीय योग महोत्सव में पहुंचे पद्मश्री कैलास खेर ने कहा कि संगीत क्षेत्र में सफलता का कोई शॉर्टकट नहीं है। इस क्षेत्र में काम कर रही प्रतिभाओं को लगन-मेहनत के साथ नियमित रियाज पर ध्यान देना चाहिए।
तभी वह सही समय आने पर सम्मान के साथ बेहतर पारिश्रमिक पा सकते हैं। कैलास खेर ने परमार्थ निकेतन में छात्र जीवन के दिनों के अनुभव साझा किए। उन्होंने कहा कि किसी को अपने संघर्ष के दिन नहीं भूलने चाहिए। आत्मविश्वास, दृढ़ निश्चय व मंथन से सबकुछ हासिल किया जा सकता है। जीवन में आगे बढ़ने के लिए सकारात्मक सोच जरूरी है।