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Dehradun News: 14 साल पहले रिश्वत के साथ पकड़े गए अवर अभियंता को पांच साल कारावास
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स्पेशल जज भ्रष्टाचार अधिनियम मनीष मिश्रा की कोर्ट ने रिश्वतखोर अवर अभियंता को पांच साल कठोर कारावास की सजा सुनाई है। अवर अभियंता को विजिलेंस ने 2010 में ठेकेदार से 25 हजार रुपये की रिश्वत लेते विजिलेंस ने रंगेहाथ गिरफ्तार किया था। दोषी अभियंता पर कोर्ट ने 2500 रुपये जुर्माना भी लगाया गया है।
वर्ष 2010 में हरिद्वार के सिडकुल क्षेत्र में फायर स्टेशन का निर्माण और मरम्मत कार्य चल रहा था। यह कार्य पुलिस विभाग के अवर अभियंता सुधाकर त्रिपाठी की देखरेख में चल रहा था। काम करा रहे ठेकेदार ने विजिलेंस से शिकायत की थी कि एनओसी के लिए सुधाकर त्रिपाठी उनसे 25 हजार रुपये रिश्वत की मांग कर रहा है। जबकि, वह रिश्वत नहीं देना चाहते हैं। इस पर देहरादून सेक्टर की विजिलेंस टीम ने ट्रैप टीम का गठन किया और 17 जून 2010 को ठेकेदार के साथ अवर अभियंता के ऑफिस में गई। यहां पर अवर अभियंता सुधाकर त्रिपाठी को रिश्वत के साथ रंगेहाथ गिरफ्तार कर लिया गया।
उस वक्त आरोपी को न्यायालय के आदेश पर न्यायिक अभिरक्षा में जेल भेज दिया गया था। मामले में विजिलेंस ने कई साक्ष्य कोर्ट के समक्ष प्रस्तुत किए। विजिलेंस की पैरवी और अभियोजन के मजबूत तर्कों के आधार पर सुधाकर त्रिपाठी को दोषी पाया गया। अब शनिवार को स्पेशल कोर्ट ने दोषी को पांच साल कैद और 2500 रुपये अर्थदंड की सजा सुनाई है।
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वर्ष 2010 में हरिद्वार के सिडकुल क्षेत्र में फायर स्टेशन का निर्माण और मरम्मत कार्य चल रहा था। यह कार्य पुलिस विभाग के अवर अभियंता सुधाकर त्रिपाठी की देखरेख में चल रहा था। काम करा रहे ठेकेदार ने विजिलेंस से शिकायत की थी कि एनओसी के लिए सुधाकर त्रिपाठी उनसे 25 हजार रुपये रिश्वत की मांग कर रहा है। जबकि, वह रिश्वत नहीं देना चाहते हैं। इस पर देहरादून सेक्टर की विजिलेंस टीम ने ट्रैप टीम का गठन किया और 17 जून 2010 को ठेकेदार के साथ अवर अभियंता के ऑफिस में गई। यहां पर अवर अभियंता सुधाकर त्रिपाठी को रिश्वत के साथ रंगेहाथ गिरफ्तार कर लिया गया।
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उस वक्त आरोपी को न्यायालय के आदेश पर न्यायिक अभिरक्षा में जेल भेज दिया गया था। मामले में विजिलेंस ने कई साक्ष्य कोर्ट के समक्ष प्रस्तुत किए। विजिलेंस की पैरवी और अभियोजन के मजबूत तर्कों के आधार पर सुधाकर त्रिपाठी को दोषी पाया गया। अब शनिवार को स्पेशल कोर्ट ने दोषी को पांच साल कैद और 2500 रुपये अर्थदंड की सजा सुनाई है।
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