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जेपी जोशी प्रकरणः अभी सामने नहीं आना चाहती पीड़िता
अमर उजाला, देहरादून
Updated Sun, 01 Dec 2013 11:25 AM IST
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अपर सचिव यौन शोषण मामले में पीड़ित युवती एक बार फिर दून पहुंच गई है। उसके पहुंचते ही पुलिस महकमे से लेकर सियासी गलियारों में हलचल मची हुई है।
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युवती ने प्रदेश में अपनी जान को खतरा बताया है। जानकारी के अनुसार मामले में पीड़िता का सहयोग कर रहे एनजीओ संचालक और एक निजी चैनल से जुड़े प्रतिनिधि गुपचुप तरीके से उसे लेकर दून पहुंचे।
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परिचित के घर रुकी है युवती
युवती आईएसबीटी से कुछ दून स्थित किसी परिचित के घर रुकी हुई है। पहले युवती के होटल में ठहरने की बात सामने आ रही थी। युवती ने कहा है कि वह जब तक अपने अधिवक्ताओं से सलाह मशविरा नहीं कर लेती तब तक इस मामले में कुछ नहीं कहना चाहती।
युवती ने मीडिया द्वारा अनावश्यक सवाल पूछे जाने पर आपत्ति जताई। युवती का कहना है कि जिन लोगों के खिलाफ मुकदमा दर्ज हुआ है वह बहुत ही प्रभावशाली लोग हैं और वे उसे जान से मार सकते हैं।
इसलिए वह अभी खुलकर सामने नहीं आना चाहती। सूत्रों के अनुसार पुलिस और खुफिया एजेंसियों ने भी युवती से संपर्क करने का प्रयास किया।
‘कुछ मीडियाकर्मी कर रहे मुखबिरी’
दून पहुंची पीड़ित युवती ने कहा है कि कुछ तथाकथित मीडियाकर्मी पुलिस और आरोपी अपर सचिव के लिए मुखबिरी कर रहे हैं। युवती का कहना है कि उस पर अब भी दबाव डालने का प्रयास किया जा रहा है।
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उसे बेवजह बदनाम करने की कोशिश की जा रही है। लेकिन वह दोषियों को सजा दिलाकर ही रहेगी। उसने कहा कि कानून का संरक्षण मिलने पर ही वह दून आई है।
सचिवालय में मिली थी लोकेशन
इस मामले में एसटीएफ ने अपर सचिव, पीड़िता, चैनल के प्रतिनिधियों के मोबाइलों की घटनाक्रम के हिसाब से लोकेशन ट्रेस की है। दिल्ली में जीरो एफआईआर दर्ज कराने से कुछ दिन पहले पीड़ित युवती की लोकेशन उत्तराखंड सचिवालय में भी मिली थी।
युवती ने अपर सचिव जेपी जोशी को एसएमएस किया था कि ‘अब मुझे कभी कॉल मत करना और न मुझे अब कभी एसएमएस करने की जरूरत है’।
आरोपों के मुताबिक जोशी ने जब अश्लील सीडी सार्वजनिक करने की धमकी दी तो युवती ने एक चैनल के प्रतिनिधियों से संपर्क किया था। जिन्होंने युवती को सीडी चैनल पर प्रसारित कराने के लिए आगे आने को कहा था।
कुछ दिन पहले दून आई थी युवती
सूत्रों के मुताबिक, पीड़ित युवती अपने केस से संबंधित दस्तावेज लेने कुछ दिन पहले दून आई थी। उसने इलेक्ट्रानिक मीडिया से जुड़े युवक से संपर्क किया था।
एसटीएफ की जांच में पुरानी बाइपास चौकी के आसपास उसके मोबाइल की लोकेशन मिली थी। युवती अक्सर जिस कार से आती-जाती थी, वह अब उसके दून स्थित किराए के मकान में नहीं है।
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