आफत की बारिश: मलबा आने से चीन सीमा की अग्रिम चौकियों में नहीं पहुंच रहा जरूरी सामान
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चीन सीमा क्षेत्र को यातायात से जोड़ने वाले जोशीमठ-मलारी हाईवे पर सोमवार को तीसरे दिन भी वाहनों की आवाजाही सुचारु नहीं हो पाई है। सीमा क्षेत्र में तैनात सेना व आईटीबीपी के जवानों के साथ ही लोगों को दो किमी की दूरी तय कर अपने गंतव्य को जाना पड़ रहा है। हाईवे अवरुद्ध होने से मलारी व चीन सीमा की अग्रिम चौकियों के लिए आवश्यक वस्तुओं की आपूर्ति करने वाले वाहन भी तीन दिन से जाम में फंसे हुए हैं।
बीते शनिवार को सुबह करीब नौ बजे भारी बारिश के दौरान सलधार गांव के समीप मलारी हाईवे पर चट्टान से मलबा और बोल्डर आ गए थे, जिससे अभी तक भी हटाया नहीं गया है। क्षेत्र में रुक-रुककर हो रही बारिश से हाईवे को खोलने का काम भी नहीं हो पा रहा है।
लक्ष्मण सिंह, सुरेंद्र सिंह और पुष्कर सिंह का कहना है कि उन्हें अपने गांवों तक जाने के लिए दो किमी की अतिरिक्त दूरी तय करनी पड़ रही है। इधर, बीआरओ के कमांडर एसएस मक्कर का कहना है कि मौसम खराब होने के कारण हाईवे को सुचारु नहीं किया जा सका है। कंप्रेशर मशीन से बोल्डरों को तोड़ा जा रहा है, जबकि मलबे को जेसीबी मशीनों से हटाया जा रहा है। मंगलवार तक हाईवे को पूरी तरह से सुचारु कर लिया जाएगा।
लामबगड़ में दूसरे दिन भी नहीं खुला बदरीनाथ हाईवे
बदरीनाथ हाईवे पर लामबगड़ में सोमवार को दूसरे दिन भी वाहनों की आवाजाही सुचारु नहीं हो पाई है। हाईवे अवरुद्ध होने से 230 तीर्थयात्री लामबगड़ में तीन किमी पैदल और फिर वाहन से बदरीनाथ धाम की तीर्थयात्रा पर पहुंचे, जबकि 450 तीर्थयात्री धाम की यात्रा कर अपने गंतव्य को लौटे। बदरीनाथ में श्रीकृष्ण जन्माष्टमी कार्यक्रम में शामिल होने के लिए करीब 250 स्थानीय श्रद्धालु भी लामबगड़ में पैदल ही चलकर बदरीनाथ धाम पहुंचे।
शनिवार रात को भारी बारिश के दौरान लामबगड़ नाले का जलस्तर बढ़ गया था, जिससे यहां हाईवे करीब 20 मीटर बह गया था। मलबा और बोल्डर हाईवे पर आ गए थे। अभी तक भी यहां हाईवे सुचारु नहीं हो पाया है, जबकि लामबगड़ भूस्खलन क्षेत्र में भी चट्टान से लगातार बोल्डर के साथ मलबा हाईवे पर आ रहा है, जिससे हाईवे को सुचारु नहीं किया जा सका है। लामबगड़ में हाईवे अवरुद्ध होने से सबसे अधिक दिक्कत असहाय तीर्थयात्रियों को झेलनी पड़ रही है।
जोशीमठ के एसडीएम योगेंद्र सिंह ने बताया कि लामबगड़ में मौसम सामान्य होने पर ही हाईवे को सुचारु किया जा सकता है। सुरक्षा को देखते हुए यहां पर यात्रा वाहनों की आवाजाही रोक दी गई है। लामबगड़ में तीर्थयात्रियों की सुविधा के लिए चाय और पानी की निशुल्क व्यवस्था की गई है।