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केदारनाथ धाम में सर्द हवाओं के बीच इन दिनों योग की कक्षाएं चल रही हैं। जूना अखाड़े से जुड़े नागा बाबा रात्रि गिरी महाराज केदारनाथ धाम में पुनर्निर्माण कार्य में जुड़े मजदूरों व निम के कर्मचारियों को योग व आसनों की जानकारी दे रहे हैं। जिससे वे विषम परिस्थितियों में भी स्वस्थ रहते हुए काम को पूरा कर सकें।
शीतकाल के लिए केदारनाथ मंदिर के कपाट आम श्रद्धालुओं के लिए 25 अक्तूबर को बंद हो गए थे। इसके बाद से केदारनाथ धाम में व्यवस्थाओं को सुधारने व पुनर्निर्माण के लिए निम के कर्मचारी व मजदूर लगे हुए हैं।
ऐसे में इन मजदूरों व कर्मचारियों को मोटिवेट करने के लिए नागा बाबा रात्रि गिरी महाराज योगासानों की जानकारी दे रहे हैं। हर दिन निम के चालीस मजदूर बाबा से योग की शिक्षा ग्रहण कर रहे हैं। जिससे वे केदारनाथ धाम में विषम परिस्थितियों से सामंजस्य बना सकें। इसके अलावा बाबा उन्हें हिमालयी कंद्राओं में मिलने वाली जड़ी-बूटियों व उनके उपयोग की जानकारी भी दे रहे हैं।
अधिकारियों को देते हैं जानकारी
नागा बाबा रात्रि गिरी महाराज कर्मचारियों व मजदूरों को योग व जड़ी-बूटियों की जानकारी देने के साथ-साथ निम के कार्यों की देखरेख भी कर रहे हैं। बाबा रात्रि गिरी केदारनाथ धाम में निम की विभिन्न साइटों में जाकर वाकी-टॉकी के माध्यम से इसकी जानकारी निम के उच्चाधिकारियों को भी उपलब्ध कराते हैं।
बाबा ने जताई थी सहयोग की इच्छा
नागा बाबा रात्रि गिरी महाराज की निम के प्रधानाचार्य कर्नल कोठियाल से श्री नंदा देवी राजजात के दौरान मिले थे। निम से जुड़े आमोद पंवार ने बताया कि इस दौरान उन्होंने केदारनाथ धाम पुनर्निर्माण में अपना सहयोग देने की बात कही थी।
श्री नंदा देवी राजजात संपन्न होने के बाद बाबा 18 अक्तूबर से निम के साथ जुड़े और कर्मचारियों को मोटिवेट करने के लिए योग की शिक्षाएं दे रहे हैं।
केदारनाथ धाम में नहीं होगी कनेक्टिविटी फेल
केदारनाथ के पुनर्निर्माण कार्य में अब बदहाल संचार सेवा बाधा नहीं बनेगी। निम इस माह धाम में अपनी डीएसपीटी सेवा शुरू कर रहा है। बीएसएनएल इस तकनीक के लिए अलग से 200 मीटर केबल बिछाएगा।
आपदा के बाद से बदहाल केदारनाथ को संवारने में जुटा निम अब धाम में अपना संचार तंत्र भी मजबूत करने में जुट गया है। डीएसपीटी (डिजीटल सेटेलाइट फोन ट्रमिनलस) सेवा से केदारनाथ में काम कर रहे सभी मजदूरों को जोड़ा जाएगा। इसके तहत धाम में एक कंट्रोल रूम स्थापित किया जाएगा।
इस कंट्रोल रूम का नंबर, सोनप्रयाग से केदारनाथ तक काम करने वाले सभी मजदूरों के परिजनों को दिया जाएगा, जिससे वे किसी भी समय पर उनसे बात कर सके। निम अधिकारियों का कहना है कि इस सेवा का लाभ पुनर्निर्माण कार्य में शासन-प्रशासन से बातचीत करने में भी मिलेगा। 11, 750 फिट पर स्थित केदारनाथ में संचार सेवा अब तक सबसे बड़ी समस्या बनी हुई है।
बीएसएनएल की संचार सेवा के आए दिन बाधित होने के कारण निम ने अपना सूचना तंत्र स्थापित करने का निर्णय लिया है, जो इसी माह धाम में स्थापित कर दिया जाएगा। इस तंत्र को स्थापित करने के लिए बीएसएनएल से 200 मीटर केबल बिछाएगा।
केदारनाथ में सूचना तंत्र को मजबूत करने के लिए डीएसपीटी स्थापित किया जा रहा है। इस सेवा के शुरू होने से पुनर्निर्माण कार्य में काफी मदद मिलेगी। हमारे मजदूरों के साथ अन्य साथियों के परिजन भी बात कर सकेंगे।
-- कर्नल अजय कोठियाल, प्रधानाचार्य निम