'झारखंड में बनेगी भाजपा की एक दल सरकार'
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विधानसभा चुनाव संपन्न कराकर देहरादून लौटे झारखंड प्रदेश प्रभारी त्रिवेंद्र सिंह रावत ने कहा कि वहां चुनाव भाजपा बनाम नक्सलवाद था, जनता ने बुलेट के बजाय बैलट को प्राथमिकता दी। मैं यह दावे से कह सकता हूं कि वहां भाजपा को 50 से 60 सीटें मिलेंगी और पहली बार भाजपा के रूप में एक दल की सरकार बनेगी।
त्रिवेंद्र ने झारखंड में अपनाई रणनीति साझा कर बताया कि झारखंड में भाजपा ने दो मोर्चों पर चुनाव लड़ा। एक मोर्चे पर नक्सलवाद व दूसरे पर विरोधी दल। बताया कि चंदुवा गांव में होने वाली प्रधानमंत्री की रैली का मुख्य आयोजक मैं ही था। हमने वहां पर तीन पक्के हेलीपैड व एक विशाल मैदान तैयार किया।
यह काम मशीनों के बजाय भुगतान कर गांव के लोगों से ही कराया। ऐसा सब जगह किया और लोग पार्टी से जुड़ते चले गए। चंदुवा में लोग रैली को तैयार नहीं थे, लेकिन हमने रैली के दिन दिवाली मनाने का विचार रखा तो वे मान गए। इतनी आतिशबाजी हुई, जिससे नक्सली भी हैरान थे।
गांव के पांच हजार लोगों के हस्ताक्षर कराकर पत्र पीएम को सौंपा ताकि वहां विचाराधीन दो थर्मल पावर प्लांट्स चालू किए जा सकें। हम लोगों के बीच गए, भय दूर किया और जागरूकता लाने पर काम किया।
झारखंड में ये थीं मुख्य चुनौतियां
- 26 फीसद जनजाति वाले प्रदेश में हैं कई समस्याएं
- नक्सलवाद की गिरफ्त में हैं 24 में से 20 जनपद
- माओवादियों के सात समूह यहां कर रहे हैं काम
- सबसे खतरनाक है लातेहार, यहां काम करना था मुश्किल
- चंदुवा में पीएम की रैली के लिए तैयार नहीं थे लोग
'डीजीपी सिद्धू को हटाए राज्य सरकार'
भाजपा के वरिष्ठ नेता त्रिवेंद्र सिंह रावत ने डीजीपी बीएस सिद्धू को तत्काल हटाने और उन पर लगे आरोपों की उच्च स्तरीय जांच की मांग की है।
उन्होंने कहा कि बदतर कानून-व्यवस्था के लिए राज्य सरकार भी दोषी है क्योंकि सरकार ने ऐसे अफसर को डीजीपी बनाया, जिसके खिलाफ गैर कानूनी तरीके से रिजर्व फारेस्ट की जमीन खरीदने व पेड़ काटने के आरोप में चार्जशीट कोर्ट में दाखिल है। नेशनल ग्रीन ट्रिब्यूनल में प्रदेश के मुख्य सचिव ने भी मौजूदा डीजीपी के खिलाफ शपथपत्र दिया है।
प्रदेश मुख्यालय पर पत्रकारों से त्रिवेंद्र ने कहा कि हाईकोर्ट ने रिजर्व फारेस्ट की जमीन प्रकरण में दो बार एसआईटी का गठन कर जांच कराने का आदेश दिया फिर सरकार टाल-मटोल कर रही है। कहा कि जब सिद्धू मुंबई में आरपीएफ के मुख्य सुरक्षा आयुक्त थे, तब वहां तैनात एक महिला हेड क्लर्क के उत्पीड़न का आरोप लगा।
अब महिला ने शपथपत्र भेजकर राज्य सरकार से डीजीपी पर कार्रवाई की मांग की है, लेकिन कोई सुनवाई नहीं हो रही। त्रिवेंद्र ने कहा कि राज्यसभा में केंद्रीय वन एवं पर्यावरण मंत्री रिजर्व फारेस्ट की जमीन को गैर कानूनी तरीके से खरीदने की बात कह चुके हैं।
प्रेस वार्ता में भाजपा प्रदेश उपाध्यक्ष धन सिंह रावत, मीडिया प्रभारी उमेश अग्रवाल, अभिमन्यु कुमार, ऊर्बादत्त भट्ट, सुनील उनियाल गामा समेत कई नेता मौजूद रहे।
...लीसा लकड़ी पत्थर चोर
रावत ने कहा कि मौजूदा सीएम हरीश रावत के बारे में कुमाऊं में एक कहावत प्रचलित है ‘हरीश रावत के चारों ओर, लीसा लकड़ी पत्थर चोर’ और यह कहावत आज पूरे प्रदेश में सच होती दिख रही है।
कभी अविभाजित यूपी में भी इतना अवैध खनन नहीं हुआ, जितना की अब हो रहा है। कहा कि मंत्री की पत्नी को प्रतिनियुक्ति देने के लिए सुप्रीम कोर्ट के निर्णय के भी उल्लंघन की कोशिश की गई।
जघन्य अपराधों में पहले की अपेक्षा कमी आई है। जितने भी ब्लाइंड केस थे सभी का खुलासा हुआ। रही बात महिला की शिकायत की तो उसे पहले जांच कमेटी व रेलवे बोर्ड और कैट ने दोषी करार दिया। हाईकोर्ट ने भी कैट के फैसले को सही ठहराया। यह भी पड़ताल होनी चाहिए कि महिला ने राज्य सरकार से दस साल बाद शिकायत क्यों की।
- बीएस सिद्धू, डीजीपी उत्तराखंड