नोट बंदी के बाद जनधन खातों में एक दम से बढ़ा ट्रांजेक्शन
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500 और हजार के नोट बंद होने के बाद प्रधानमंत्री जनधन योजना के खातों में अचानक हलचल बढ़ गई है।
उत्तराखंड में जिन खातों में कभी दो से पांच हजार रुपये तक ट्रांजेक्शन होता था, अचानक से उनमें पैसों का फ्लो बढ़ गया है। पीएनबी और एसबीआई में खासतौर से ग्रामीण इलाकों में कई ऐसे खाते चिह्नित किए गए हैं, जिनमें अचानक 50 हजार से लेकर सवा लाख रुपये तक जमा हो गए हैं। बैंक इन खातों की पूरी जानकारी सरकार तक पहुंचा रहे हैं।
दो नवंबर 2016 तक की रिपोर्ट के मुताबिक प्रदेश में 20 लाख 72 हजार 912 जनधन के खाते हैं। इनमें से कई खातों में अचानक से रकम जमा होने में तेजी आई है। लिहाजा बैंकों ने सभी खातों पर बारीक नजर बनाई हुई है। जिन खातों में अचानक 50 हजार या इससे अधिक का ट्रांजेक्शन हुआ है, उनकी जानकारी केंद्र सरकार को भेजी जा रही है।
भविष्य में हो सकता है कि कई लोग इन खातों का दुरुपयोग करें। यह भी हो सकता है कि सरकार बाद में जनधन खाताधारकों से पूछताछ करे कि उनके पास अचानक इतना पैसा कैसे आया। पीएनबी के मंडल प्रमुख एके खोसला ने बताया कि जनधन के खातों पर बारीकी से नजर रखी जा रही है। कुछ खातों में ट्रांजेक्शन बढ़ी है। पूरी सूचना आगे फॉर्वर्ड कर दी जाएगी।
...तो खप जाएगा एक खरब काला धन
दो नवंबर 2016 तक की रिपोर्ट के मुताबिक उत्तराखंड में कुल 20 लाख, 72 हजार 912 जनधन के खाते हैं। इनमें 13 लाख 51 हजार 446 खाते ग्रामीण क्षेत्रों में और सात लाख 21 हजार 466 खाते शहरी क्षेत्रों में हैं।
इनमें से कुल तीन लाख 97 हजार 439 खाते ऐसे भी हैं, जिनमें शून्य बैलेंस है। अनुमान के मुताबिक अगर एक खाते में 50 हजार रुपये भी जमा होते हैं तो इन खातों में एक खरब, तीन अरब, 64 करोड़ और 56 लाख रुपया खप जाएगा।
2.50 लाख रुपये तक की इनकम शून्य टैक्स वाली होती है। इससे ऊपर आप अपने खाते में कितना भी पैसा जमा करा सकते हैं। केवल आपको जुलाई-अगस्त में अपनी आयकर घोषणा में उसका जवाब और टैक्स देना होगा। अब वह खाता अगर जनधन का भी है तो वह भी 2.50 लाख रुपये से ऊपर जमा करा सकता है। कहीं किसी तरह की कोई अड़चन नहीं है। शर्त यह है कि टैक्स चोरी न की जाएगी। अगर आपके द्वारा की गई आय घोषणा और अर्जित आय में अंतर आया तो पेनल्टी तय है।
- गौरव उनियाल, चार्टर्ड अकाउंटेंट