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काम आया, ‘पद ना प्रभार, उठा रहे मोटी पगार’
अमर उजाला, देहरादून
Updated Fri, 22 Nov 2013 04:30 PM IST
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अमर उजाला में 13 नवंबर के अंक में ‘पद ना प्रभार, उठा रहे मोटी पगार’ शीर्षक से प्रकाशित खबर पर संज्ञान लेते हुए बृहस्पतिवार को चार माह से प्रतीक्षारत अधिशासी अभियंता को हल्द्वानी स्थानांतरित कर दिया गया। कर्मचारी संगठनों ने इस फैसले पर खुशी जाहिर की है
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कर्मचरियों को वेतन के लाले एक ओर जहां पेयजल निगम आर्थिक संकट के दौर से गुजर रहा है और कर्मचारियों के वेतन के लाले पड़ गए हैं वहीं विभाग में चार माह से एक ईई को मुफ्त वेतन दिया जा रहा था।
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मामला कुछ यह था कि 29 जून को डीपीसी के पश्चात एई से ईई तक सभी को नियुक्ति दी दे दी गई। इसी दौरान एक ईई को अधीक्षण अभियंता (एसई) यांत्रिक कार्यालय में पोस्टिंग दी गई। जबकि यहां ईई का कोई पद ही नहीं था।
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हल्द्वानी यांत्रिक इकाई में खाली है पद
इस मामले संगठनों की ओर से मांग की गई कि हल्द्वानी यांत्रिक इकाई में ईई का पद लंबे समय से रिक्त है। वहां सहायक अभियंता को ही ईई का प्रभार दिया गया है।
ऐसे में इनकी पोस्टिंग वहां कर दी जाए। बावजूद इसके ईई को प्रतीक्षारत रखते हुए प्रबंधन की ओर से उन्हें घर बैठे चार महीने तक वेतन दिया जाता रहा। यह ईई कभी कार्यालय तक नहीं गए।
खबर प्रकाशित होने के बाद पेयजल निगम के एमडी सीएम डिमरी और पेयजल मंत्री ने मामले का संज्ञान लिया और बृहस्पतिवार को संबंधित ईई को हल्द्वानी स्थानांतरित करने के आदेश कर दिए गए।
इस पर सहायक अभियंता एसोसिएशन के महासचिव जितेंद्र सिंह देव ने अमर उजाला का आभार जताते और कहा कि इस समाचार पत्र ने हमेशा जनहित के मुद्दों को प्राथमिकता से उठाया है।