{"_id":"6037fd5e8ebc3e14fc00412c","slug":"jal-nigam-sent-bills-raising-100-rupees-city-news-drn371926966","type":"story","status":"publish","title_hn":"उत्तराखंडः जल निगम ने 100 रुपये बढ़ाकर भेज दिए सभी उपभोक्ताओं को बिल","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
उत्तराखंडः जल निगम ने 100 रुपये बढ़ाकर भेज दिए सभी उपभोक्ताओं को बिल
Fri, 26 Feb 2021 10:42 AM IST
देहरादून ब्यूरो
हरीश कंडारी, अमर उजाला, देहरादून
हरीश कंडारी, अमर उजाला, देहरादून
Published by: देहरादून ब्यूरो
Updated Fri, 26 Feb 2021 10:42 AM IST
विज्ञापन
जल निगम की कारस्तानी
- फोटो : pixabay
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
सहसपुर और धर्मपुर विधानसभा के हजारों उपभोक्ताओं पर जल निगम की कारस्तानी भारी पड़ रही है। एक ओर जहां नई पेयजल लाइन बिछाने के कारण लोगों को पर्याप्त पेयजल उपलब्ध नहीं हो पा रहा है। वहीं, जल निगम ने अगस्त से नवंबर तक के जो बिल उपभोक्ताओं को भेजे हैं, वह 100 रुपये बढ़ाकर भेजे हैं। हैरत की बात तो यह है कि छोटे से लेकर बड़े घरों तक सभी को जल निगम ने एक ही औसत से बिल भेजा है।
विज्ञापन
जबकि, जलसंस्थान अभी भी टोंटियों के हिसाब बिल भेजता है। जल निगम की इस कारस्तानी से आम उपभोक्ताओं में आक्रोश है। दरअसल, सहसपुर और धर्मपुर विधानसभा के आरकेडिया और होपटाउन की पेयजल व्यवस्था पहले जल संस्थान के हाथ में थी। इन क्षेत्रों में मेहूंवाला क्लस्टर योजना के तहत नई पेयजल लाइन बिछाई जा रही है। इसकी जिम्मेदारी जल निगम को दे रखी है साथ ही इन क्षेत्रों की पेयजल व्यवस्था भी अब पेयजल निगम के हाथ में आ गई है, लेकिन जिस दिन से व्यवस्था पेयजल निगम के हाथ में आई है, इन क्षेत्रों के उपभोक्ताओं को कई परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है।
विज्ञापन
नई पेयजल लाइन बिछाने के दौरान पुरानी लाइनों के टूट जाने के कारण जहां उपभोक्ताओं को कई दिनों तक पेयजल की किल्लत से जूझना पड़ रहा है, वहीं लाइन के लिए खोदी गईं सड़कें मुसीबत बनी हुई हैं।
विज्ञापन
इसके इतर अब पेयजल निगम ने पानी के बिल की राशि बढ़ाकर उपभोक्ताओं पर आर्थिक बोझ भी बढ़ा दिया है। पेयजल निगम की ओर से उपभोक्ताओं को अगस्त से लेकर नवंबर तक के जो बिल भेजे हैं, उसमें 100 रुपये की बढ़ोतरी की गई है। जबकि, अप्रैल में ही पानी के बिलों में नौ प्रतिशत की बढोत्तरी की गई थी।
बढ़े हुए बिलों को लेकर उपभोक्ताओं में आक्रोश है। आरकेडिया क्षेत्र की पूर्व उपप्रधान गीता बिष्ट ने पेयजल निगम को ज्ञापन सौंपकर चेतावनी दी है कि अगर जल्द ही संशोधित बिल नहीं भेजे जाते तो जल निगम के कार्यालय का घेराव किया जाएगा।
छोटे, बडे़ सभी उपभोक्ताओं को एक जैसे बिल
अभी तक जल संस्थान जो बिल भेजता है, उसके मानक तय किए गए हैं। बिल टोंटियों के हिसाब से तय किया जाता है। इसके बाद एवरेज निकालकर जल संस्थान उपभोक्ताओं को बिल भेजता है। यह एवरेज प्रति चार माह 18 हजार लीटर से लेकर 24 हजार तक होता है, लेकिन जल निगम ने छोटे से लेकर बडे़ सभी उपभोक्ताओं को एक जैसे 24 हजार लीटर पानी के औसत से बिल भेजे हैं, जो कई गरीब उपभोक्ताओं के लिए परेशानी का सबक बने हुए हैं।
उपभोक्ताओं पर बढ़ेगा आर्थिक बोझ
जो बिल जल निगम फरवरी में भेज रहा है, वह बिल नवंबर में भेजे जाने चाहिए थे, लेकिन पेयजल योजना अपने हाथ मेें आने के बाद जल निगम ने उपभोक्ताओं को बिल भेजे ही नहीं। अब दिसंबर से लेकर मार्च के बिल भी उपभोक्ताओं को भेजे जाएंगे। ऐसे में उपभोक्ताओं पर आर्थिक बोझ बढ़ना तय है।
जो सॉफ्टवेयर बना है, वह नगर निगम क्षेत्र के हिसाब से बना है। सॉफ्टवेयर ने जो बिल जनरेट किए, उसी हिसाब से बिल भेजे गए, लेकिन जिन उपभोक्ताओं का बिल, पिछले बिल से ज्यादा है, उसे अगले बिल में समायोजित कर दिया जाएगा।
- सीता राम, ईई, पेयजल निगम, विश्व बैंक परियोजना