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जाखन का कराया जाएगा भूगर्भीय सर्वे : सोनिका
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जिलाधिकारी सोनिका ने बृहस्पतिवार को विकासनगर तहसील अंतर्गत आपदा प्रभावित गांव जाखन का स्थलीय निरीक्षण किया। कहा कि भूस्खलन का कारण और खतरे की वास्तविक स्थिति का पता लगाने के लिए मौके पर भू-वैज्ञानिकों की टीम भेजकर भूगर्भीय सर्वे कराया जाएगा। प्रभावित परिवारों को विस्थापित करने का प्रस्ताव बनाने का निर्देश भी दिए।
जिलाधिकारी ने बताया कि प्रभावित 28 परिवारों के लिए निकट के पष्टा गांव के जूनियर हाईस्कूल में राहत कैंप लगाया गया है। कुछ प्रभावित अपने रिश्तेदारों के यहां ठहरे हुए हैं। उन्होंने बताया कि 10 मकान पूर्ण, दो आंशिक रूप से क्षतिग्रस्त हैं। सात गोशालाएं भी आपदा की भेंट चढ़ी हैं। उन्होंने राजस्व विभाग के अधिकारियों को क्षति का आकलन करने के निर्देश दिए।
जिलाधिकारी ने प्रभावित परिवारों से वार्ता कर उनका हाल-चाल जाना। आपदा प्रभावितों का दर्द साझा किया। उन्होंने अधिकारियों को सख्त निर्देश दिए कि आपदा प्रभावितों को किसी प्रकार की समस्या न हो इसका विशेष ध्यान रखें। अधिकारियों को प्रभावितों के लिए मूलभूत सुविधाएं मुहैया कराने के निर्देश दिए। ग्रामीणों से सुरक्षित स्थानों पर बने रहते की अपील की। उन्होंने ग्राम प्रधान अंकित तोमर से कोई समस्या होने पर सीधे उन्हें फोन कर बताने को कहा। इस मौके पर उपजिलाधिकारी विकासनगर विनोद कुमार, पुलिस क्षेत्राधिकारी भाष्कर शाह भी मौजूद रहे।
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जिलाधिकारी की बिगड़ी तबीयत
जिलाधिकारी सोनिका दोपहर बाद आपदा प्रभावित गांव जाखन का निरीक्षण करने पहुंची। उन्होंने क्षतिग्रस्त मकानों और भूस्खलन की स्थिति का बारीकी से मुआयना किया। निरीक्षण के बाद जिलाधिकारी करीब 200 मीटर की चढ़ाई चढ़ कर सड़क पर पहुंची, तो वहां भी आपदा प्रभावित उनके आगे मदद की गुहार लगाने लगे। इस बीच जिलाधिकारी की तबीयत अचानक बिगड़ गई। इससे पहले की आसपास खड़े लोग और अधिकारी कुछ समझ पाते। वह निढाल होकर नीचे बैठ गईं। कुछ देर बाद वे किसी तरह संभली। जिसके बाद कार में सवार होकर लौट गईं।
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जिलाधिकारी ने बताया कि प्रभावित 28 परिवारों के लिए निकट के पष्टा गांव के जूनियर हाईस्कूल में राहत कैंप लगाया गया है। कुछ प्रभावित अपने रिश्तेदारों के यहां ठहरे हुए हैं। उन्होंने बताया कि 10 मकान पूर्ण, दो आंशिक रूप से क्षतिग्रस्त हैं। सात गोशालाएं भी आपदा की भेंट चढ़ी हैं। उन्होंने राजस्व विभाग के अधिकारियों को क्षति का आकलन करने के निर्देश दिए।
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जिलाधिकारी ने प्रभावित परिवारों से वार्ता कर उनका हाल-चाल जाना। आपदा प्रभावितों का दर्द साझा किया। उन्होंने अधिकारियों को सख्त निर्देश दिए कि आपदा प्रभावितों को किसी प्रकार की समस्या न हो इसका विशेष ध्यान रखें। अधिकारियों को प्रभावितों के लिए मूलभूत सुविधाएं मुहैया कराने के निर्देश दिए। ग्रामीणों से सुरक्षित स्थानों पर बने रहते की अपील की। उन्होंने ग्राम प्रधान अंकित तोमर से कोई समस्या होने पर सीधे उन्हें फोन कर बताने को कहा। इस मौके पर उपजिलाधिकारी विकासनगर विनोद कुमार, पुलिस क्षेत्राधिकारी भाष्कर शाह भी मौजूद रहे।
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जिलाधिकारी की बिगड़ी तबीयत
जिलाधिकारी सोनिका दोपहर बाद आपदा प्रभावित गांव जाखन का निरीक्षण करने पहुंची। उन्होंने क्षतिग्रस्त मकानों और भूस्खलन की स्थिति का बारीकी से मुआयना किया। निरीक्षण के बाद जिलाधिकारी करीब 200 मीटर की चढ़ाई चढ़ कर सड़क पर पहुंची, तो वहां भी आपदा प्रभावित उनके आगे मदद की गुहार लगाने लगे। इस बीच जिलाधिकारी की तबीयत अचानक बिगड़ गई। इससे पहले की आसपास खड़े लोग और अधिकारी कुछ समझ पाते। वह निढाल होकर नीचे बैठ गईं। कुछ देर बाद वे किसी तरह संभली। जिसके बाद कार में सवार होकर लौट गईं।