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Uttarkashi: दुनिया के सबसे ऊंचे कालिंदीखाल-बदरीनाथ ट्रैक को ITBP जवानों ने किया पार, 80 बर्फीले नालों से गुजरे

Tue, 03 Sep 2024 01:54 PM IST
रेनू सकलानी संवाद न्यूज एजेंसी, उत्तरकाशी
संवाद न्यूज एजेंसी, उत्तरकाशी Published by: रेनू सकलानी Updated Tue, 03 Sep 2024 01:54 PM IST
सार

आईटीबीपी के जवानों ने 22 से 23 अगस्त को कांलिदीखाल पास को पारकर करीब 80 बर्फीले नालों को पार कर गस्तोली होते हुए 30 अगस्त को बदरीनाथ पहुंचे।

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ITBP soldiers crossed Kalindi khal-Badrinath trek reached there after crossing 80 icy drains Uttarakhand News
आईटीबीपी जवान - फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी

विस्तार

भारतीय तिब्बत सीमा पुलिस बल (आईटीबीपी) के जवानों ने विषम परिस्थितियों में दुनिया के सबसे ऊंचे ट्रैक कालिंदीखाल-बदरीनाथ ट्रैक (19495 फीट) को सफलतापूर्वक पार किया है। आईटीबीपी के इस दल में गाइड सहित 17 जवान शामिल रहे।

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ट्रेकिंग एजेंसी से जुड़े गाइड सूर्य प्रकाश ने बताया कि 12 अगस्त को भारतीय तिब्बत सीमा पुलिस बल का एक 17 सदस्यीय दल 12 अगस्त को कालिंदीखाल-बदरीनाथ ट्रैक के लिए रवाना हुआ। बल के जवान मानसून के दौरान क्षतिग्रस्त ट्रैक से होते हुए रक्तवन, खड़ापत्थर होते हुए कालिंदी बेस से कांलिदीखाल पास पहुंचे।

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छठवीं बार ट्रैक पार किया
यह पास समुद्रतल से करीब 19 हजार फीट से अधिक ऊंचाई पर है। यह पास पूरी तरह क्रैवास के ऊपर बना हुआ है। आईटीबीपी के जवानों ने 22 से 23 अगस्त को कांलिदीखाल पास को पारकर करीब 80 बर्फीले नालों को पार कर गस्तोली होते हुए 30 अगस्त को बदरीनाथ पहुंचे। सूर्यप्रकाश ने बताया कि उन्होंने अपने गाइडिंग जीवन के अनुभव में छठवीं बार कालिंदीखाल-बदरीनाथ ट्रैक पार किया है, लेकिन यह अनुभव सबसे अलग था।

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क्योंकि यह ट्रैक ऐसे समय में पार किया गया, जब गंगोत्री ग्लेशियर में इस समय पर्वतारोहण के लिए गोमुख-तपोवन ट्रैक क्षतिग्रस्त होने के कारण बंद रखा गया है। यह आरोहण बल के अधिकारियों और जवानों के अदम्य साहस का जीता जागता उदाहरण है। हालांकि गंगोत्री नेशनल पार्क के उपनिदेशक आरएन पांडेय का कहना है कि यह आईटीबीपी का अधिकारिक और रूटीन कार्यक्रम था।
 

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