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संस्कृति और सभ्यता से युवाओं को जोड़ना जरूरी : आशीष
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कन्या गुरुकुल परिसर देहरादून के संगीत विभाग की ओर से आयोजित कार्यशाला के छठे दिन छात्राओं व शिक्षिकाओं ने कथक की प्राचीन परंपरा जानी। वृंदावन से आए प्रसिद्ध कथक नर्तक आशीष सिंह ने कहा, अपनी संस्कृति और सभ्यता से युवाओं को जोड़ना समय की मांग है।
वाराणसी के रहने वाले कथक गुरु आशीष सिंह ने बताया, जब बचपन में वे घर के पास मंदिर में जाते थे तो वहां कीर्तन के दौरान भी वे खूब नाचा करते थे। उनके नृत्य को लेकर उनके दादा कुछ नाराज हुआ करते थे, लेकिन माता और दादी के प्रोत्साहन से वे आगे बढ़ते रहे। बताया, जिभिया करे चटपट जलेबा लेते आना... आदि लोक गीतों से उनके नृत्य की शुरुआत हुई। आशीष बनारस हिंदू विश्वविद्यालय के संगीत एवं मंच कला संकाय के पूर्व छात्र रहे हैं। कथक नृत्य की प्रारंभिक शिक्षा अपने पद्म विभूषण पंडित बिरजू महाराज की शिष्या संगीता सिन्हा से प्राप्त की।
जबकि, नृत्य के प्रति आकर्षण बनारस घराने की प्रसिद्ध कथक नृत्यांगना सरला नारायण सिंह से आया है। इसके बाद कथक नृत्य में आगे की शिक्षा प्राप्त करने के लिए भारत सरकार संस्कृति विभाग की ओर से छात्रवृत्ति भी दी गई। कॉमनवेल्थ गेम्स के उद्घाटन समारोह में भी आशीष ने नृत्य की प्रस्तुति दी थी। जबकि, साल 2015 में चीन में आयोजित दी सेकंड सिर्फ रोड इंटरनेशनल आर्ट फेस्टिवल में भी उन्होंने प्रस्तुति से देश का मान बढ़ाया। इसके अलावा वह देश में भी कई बड़े मंचों पर अपने नृत्य की प्रस्तुति दे चुके हैं।
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वाराणसी के रहने वाले कथक गुरु आशीष सिंह ने बताया, जब बचपन में वे घर के पास मंदिर में जाते थे तो वहां कीर्तन के दौरान भी वे खूब नाचा करते थे। उनके नृत्य को लेकर उनके दादा कुछ नाराज हुआ करते थे, लेकिन माता और दादी के प्रोत्साहन से वे आगे बढ़ते रहे। बताया, जिभिया करे चटपट जलेबा लेते आना... आदि लोक गीतों से उनके नृत्य की शुरुआत हुई। आशीष बनारस हिंदू विश्वविद्यालय के संगीत एवं मंच कला संकाय के पूर्व छात्र रहे हैं। कथक नृत्य की प्रारंभिक शिक्षा अपने पद्म विभूषण पंडित बिरजू महाराज की शिष्या संगीता सिन्हा से प्राप्त की।
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जबकि, नृत्य के प्रति आकर्षण बनारस घराने की प्रसिद्ध कथक नृत्यांगना सरला नारायण सिंह से आया है। इसके बाद कथक नृत्य में आगे की शिक्षा प्राप्त करने के लिए भारत सरकार संस्कृति विभाग की ओर से छात्रवृत्ति भी दी गई। कॉमनवेल्थ गेम्स के उद्घाटन समारोह में भी आशीष ने नृत्य की प्रस्तुति दी थी। जबकि, साल 2015 में चीन में आयोजित दी सेकंड सिर्फ रोड इंटरनेशनल आर्ट फेस्टिवल में भी उन्होंने प्रस्तुति से देश का मान बढ़ाया। इसके अलावा वह देश में भी कई बड़े मंचों पर अपने नृत्य की प्रस्तुति दे चुके हैं।
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