{"_id":"64bed0f76893fec9700be2a4","slug":"it-is-illegal-for-the-villagers-to-do-such-work-without-any-vikas-nagar-news-c-5-1-drn1030-208334-2023-07-25","type":"story","status":"publish","title_hn":"Dehradun News: ग्रामीण खुद बना रहे थे लिंक रोड, आधा हिस्सा ढहा, सात को नोटिस","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Dehradun News: ग्रामीण खुद बना रहे थे लिंक रोड, आधा हिस्सा ढहा, सात को नोटिस
विज्ञापन
बिना अनुमति बना रहे थे रोड, आधा हिस्सा ढहा, सात ग्रामीणों को नोटिस
बिना किसी निविदा और विभागीय दिशा-निर्देश के ग्रामीणों का इस प्रकार के कार्य करना गैरकानूनी है
साहिया। जड़वाला छानी के लिए बिना निविदा और सरकारी दिशा-निर्देश के लिंक रोड बनाने में जुटे ग्रामीणों पर लोक निर्माण विभाग ने कार्रवाई की है। लिंक रोड काटने से कालसी-चकराता मोटर मार्ग का आधा हिस्सा ध्वस्त हो जाने के कारण विभाग ने सात ग्रामीणों को नोटिस जारी किया है।
कालसी-चकराता मोटर मार्ग पर साहिया से तीन किलोमीटर आगे कुछ ग्रामीण जड़वाला छानी के लिए सड़क बनाने का काम कर रहे थे। पहाड़ की कटिंग करके सड़क को कालसी-चकराता मोटर मार्ग से जोड़ा गया था। उधर क्षेत्र में हो रही भारी बारिश के कारण पहाड़ों की कटिंग किए गए स्थान पर कालसी-चकराता मोटर मार्ग का आधा हिस्सा ध्वस्त हो गया। जिससे मार्ग पर आवाजाही प्रभावित हुई है।
लोक निर्माण विभाग की सहायक अभियंता राधिका शर्मा ने बताया कि ग्रामीण बिना किसी अनुमति और तकनीकी सलाह के पहाड़ों की कटिंग करके रास्ता बनाने का काम कर रहे थे जिसके कारण इस प्रकार की स्थिति पैदा हुई है। उन्होंने कहा कि सड़क बनाने का काम करने वाले सात ग्रामीणों को नोटिस जारी किया गया है। इसके साथ ही उच्चाधिकारियों को भी घटना से अवगत कराया गया है।
विज्ञापन
आपदा से टूटी सड़क, ग्रामीणों का नहीं दोष : प्रधान
जड़वाला छानी में लगभग 15 परिवार निवास करते हैं और यह क्षेत्र कालसी-चकराता मोटर मार्ग से लगभग दो सौ मीटर की दूरी पर स्थित है। ग्राम प्रधान राजेश राठौर, पूर्व प्रधान अर्जुन सिंह राठौर, जनक सिंह राठौर का कहना है कि यहां के निवासी पिछले सात साल से लगातार छानी के लिए सड़क बनाने की मांग करते चले आ रहे हैं लेकिन विभाग ने अभी तक कोई कदम नहीं उठाया है। इसके अलावा कालसी-चकराता मोटर मार्ग के एक हिस्से में हुए भू-धंसाव का कारण क्षेत्र में आई आपदा है। ग्रामीणों का इसमें कोई दोष नहीं हैं। उन्होंने नोटिस मिलने की बात से इंकार करते हुए कहा कि अभी तक ऐसा कोई नोटिस उन्हें नहीं मिला है।
बयान...
बिना किसी निविदा और विभागीय दिशा-निर्देश के ग्रामीणों का इस प्रकार के कार्य करना गैरकानूनी है। इस मामले की जांच करके आवश्यक कार्रवाई की जाएगी। - युक्ता मिश्रा, उप जिलाधिकारी
विज्ञापन
बिना किसी निविदा और विभागीय दिशा-निर्देश के ग्रामीणों का इस प्रकार के कार्य करना गैरकानूनी है
साहिया। जड़वाला छानी के लिए बिना निविदा और सरकारी दिशा-निर्देश के लिंक रोड बनाने में जुटे ग्रामीणों पर लोक निर्माण विभाग ने कार्रवाई की है। लिंक रोड काटने से कालसी-चकराता मोटर मार्ग का आधा हिस्सा ध्वस्त हो जाने के कारण विभाग ने सात ग्रामीणों को नोटिस जारी किया है।
कालसी-चकराता मोटर मार्ग पर साहिया से तीन किलोमीटर आगे कुछ ग्रामीण जड़वाला छानी के लिए सड़क बनाने का काम कर रहे थे। पहाड़ की कटिंग करके सड़क को कालसी-चकराता मोटर मार्ग से जोड़ा गया था। उधर क्षेत्र में हो रही भारी बारिश के कारण पहाड़ों की कटिंग किए गए स्थान पर कालसी-चकराता मोटर मार्ग का आधा हिस्सा ध्वस्त हो गया। जिससे मार्ग पर आवाजाही प्रभावित हुई है।
विज्ञापन
लोक निर्माण विभाग की सहायक अभियंता राधिका शर्मा ने बताया कि ग्रामीण बिना किसी अनुमति और तकनीकी सलाह के पहाड़ों की कटिंग करके रास्ता बनाने का काम कर रहे थे जिसके कारण इस प्रकार की स्थिति पैदा हुई है। उन्होंने कहा कि सड़क बनाने का काम करने वाले सात ग्रामीणों को नोटिस जारी किया गया है। इसके साथ ही उच्चाधिकारियों को भी घटना से अवगत कराया गया है।
विज्ञापन
आपदा से टूटी सड़क, ग्रामीणों का नहीं दोष : प्रधान
जड़वाला छानी में लगभग 15 परिवार निवास करते हैं और यह क्षेत्र कालसी-चकराता मोटर मार्ग से लगभग दो सौ मीटर की दूरी पर स्थित है। ग्राम प्रधान राजेश राठौर, पूर्व प्रधान अर्जुन सिंह राठौर, जनक सिंह राठौर का कहना है कि यहां के निवासी पिछले सात साल से लगातार छानी के लिए सड़क बनाने की मांग करते चले आ रहे हैं लेकिन विभाग ने अभी तक कोई कदम नहीं उठाया है। इसके अलावा कालसी-चकराता मोटर मार्ग के एक हिस्से में हुए भू-धंसाव का कारण क्षेत्र में आई आपदा है। ग्रामीणों का इसमें कोई दोष नहीं हैं। उन्होंने नोटिस मिलने की बात से इंकार करते हुए कहा कि अभी तक ऐसा कोई नोटिस उन्हें नहीं मिला है।
बयान...
बिना किसी निविदा और विभागीय दिशा-निर्देश के ग्रामीणों का इस प्रकार के कार्य करना गैरकानूनी है। इस मामले की जांच करके आवश्यक कार्रवाई की जाएगी। - युक्ता मिश्रा, उप जिलाधिकारी