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Dehradun News: कड़ाके की सर्दी में आंखें हो रही लाल, जलन व खुजली की भी शिकायत
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I- ड्राई आई से पीड़ित मरीज उपचार के लिए रोज पहुंच रहे अस्पताल
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I- कुछ एहतियात बरतकर बच सकते हैं ड्राई आई की स्थिति सेI
सुबह और शाम कड़ाके की ठंड पड़ रही है। शुष्क हवा आंखों की नमी सोख लेती है। इसके चलते ड्राई आई के मामले बढ़ने लगे है। आंखें लाल हो रही है। जलन, खुजली और दर्द की शिकायत भी सामने आ रही है। नेत्र सर्जन के मुताबिक कुछ एहतियात के साथ ड्राई आई की स्थिति से बचा जा सकता है।
उप जिला अस्पताल के नेत्र ओपीडी में रोजाना करीब 10 से 12 मरीज आंख में लाली, जलन, पानी आना, खुजली, दर्द की समस्या लेकर पहुंच रहे हैं। इनमें से अधिकांश मरीज ड्राई आई से ग्रस्त मिल रहे हैं। वरिष्ठ नेत्र सर्जन डॉ. एमएस राय ने बताया कि ठंड में हवा सीधा आंख की पुतली पर लगती है। इससे टियर (आंसू) की परत प्रभावित होती है। शुष्क हवा के कारण आंखों के टियर सूख जाते हैं।
आंसू एक्यूअस, म्यूसिन और लिपिड तीन तरह के पदार्थों से बने होते हैं। यह आंखों के लिए एक लुब्रिकेंट की तरह काम करते हैं। जब टियर सूख जाते हैं या कम बनते हैं तो आंखों में लाली, जलन, खुजली, दर्द आदि की समस्या होती है।
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डॉ. एमएस राय ने कहा कि दोपहिया वाहन चलाते समय हेलमेट या चश्मा पहनना चाहिए। कंप्यूटर, टीवी और मोबाइल स्क्रीन पर अधिक समय नहीं बिताना है। अगर कंप्यूटर पर कार्य करते है तो बीच-बीच में ब्रेक लेते रहे। इससे स्क्रीन की रोशनी से आंखों को कम नुकसान पहुंचता है। बताया कि कॉन्टैक्ट लेंस का प्रयोग करने वाले लोग चिकित्सक की सलाह पर लुब्रिकेंट आई ड्राॅप का प्रयोग करें।
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I- कुछ एहतियात बरतकर बच सकते हैं ड्राई आई की स्थिति सेI
सुबह और शाम कड़ाके की ठंड पड़ रही है। शुष्क हवा आंखों की नमी सोख लेती है। इसके चलते ड्राई आई के मामले बढ़ने लगे है। आंखें लाल हो रही है। जलन, खुजली और दर्द की शिकायत भी सामने आ रही है। नेत्र सर्जन के मुताबिक कुछ एहतियात के साथ ड्राई आई की स्थिति से बचा जा सकता है।
उप जिला अस्पताल के नेत्र ओपीडी में रोजाना करीब 10 से 12 मरीज आंख में लाली, जलन, पानी आना, खुजली, दर्द की समस्या लेकर पहुंच रहे हैं। इनमें से अधिकांश मरीज ड्राई आई से ग्रस्त मिल रहे हैं। वरिष्ठ नेत्र सर्जन डॉ. एमएस राय ने बताया कि ठंड में हवा सीधा आंख की पुतली पर लगती है। इससे टियर (आंसू) की परत प्रभावित होती है। शुष्क हवा के कारण आंखों के टियर सूख जाते हैं।
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आंसू एक्यूअस, म्यूसिन और लिपिड तीन तरह के पदार्थों से बने होते हैं। यह आंखों के लिए एक लुब्रिकेंट की तरह काम करते हैं। जब टियर सूख जाते हैं या कम बनते हैं तो आंखों में लाली, जलन, खुजली, दर्द आदि की समस्या होती है।
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डॉ. एमएस राय ने कहा कि दोपहिया वाहन चलाते समय हेलमेट या चश्मा पहनना चाहिए। कंप्यूटर, टीवी और मोबाइल स्क्रीन पर अधिक समय नहीं बिताना है। अगर कंप्यूटर पर कार्य करते है तो बीच-बीच में ब्रेक लेते रहे। इससे स्क्रीन की रोशनी से आंखों को कम नुकसान पहुंचता है। बताया कि कॉन्टैक्ट लेंस का प्रयोग करने वाले लोग चिकित्सक की सलाह पर लुब्रिकेंट आई ड्राॅप का प्रयोग करें।