इन्वेस्टर्स समिट : धरातल पर उतरा निवेश तो उत्तराखंड में आएगी नौकरियों की बहार
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इंवेस्टर्स समिट के जरिए सरकार को मिले निवेश के प्रस्ताव अगर धरातल पर उतरे तो उत्तराखंड में औद्योगिक विकास के साथ ही नौकरियों की बहार सी आएगी।
अब तक के सरकारी दावे के अनुसार करीब 70 हजार करोड़ के निवेश प्रस्ताव मिले हैं। इसमें 65 हजार करोड़ के निवेश पर करार भी हो चुका है। भारी निवेश से उत्तराखंड में करीब एक लाख लोगों को प्रत्यक्ष रूप से रोजगार मिलने की संभावना है। सरकारी दावे के अनुसार निवेशकों ने मैदान ही नहीं, बल्कि पहाड़ों में भी निवेश करने में रुचि दिखाई है।
उत्तराखंड में औद्योगिकीकरण को बढ़ावा देने के लिए पहली बार सात और आठ अक्तूबर को इंवेस्टर्स समिट आयोजित किया जा रहा है। देश दुनिया के निवेशकों ने एमएसएमई, पर्यटन, ऊर्जा, कृषि, बागवानी, एरोमा, रेशम, जड़ी-बूटी, चाय, आयुष, फार्मा, आईटी आदि सेक्टर में करोड़ों के निवेश प्रस्ताव सरकार को दिए हैं। इंवेस्टर्स समिट के माध्यम से आ रहे निवेश प्रस्तावों पर आने वाले दिनों में वास्तविक रूप से अलग-अलग सेक्टरों में अगर उद्योग स्थापित होते हैं तो राज्य में करीब एक लाख लोगों को रोजगार मिलने की संभावना है। सरकार ने निवेश नीतियों में यह भी प्रावधान किया कि स्थापित होने वाले उद्योगों में 70 प्रतिशत रोजगार उत्तराखंड के स्थानीय लोगों को देना होगा। तभी नीतियों के अनुसार वित्तीय प्रोत्साहन व अन्य लाभ मिलेंगे।
43 बड़े उद्योगों में सात हजार करोड़ का निवेश
राज्य में मैन्युफैक्चरिंग, पर्यटन, फूड प्रोसेसिंग, फार्मा सेक्टर में उद्योग विभाग को 43 बड़े उद्योग स्थापित करने के लिए करीब 7269 करोड़ निवेश के प्रस्ताव पर एमओयू हुआ है।
इसमें करीब 15 से 20 हजार से अधिक लोगों को प्रत्यक्ष रूप से रोजगार मिलने की संभावना है। निवेशकों ने आगामी दो-तीन साल के भीतर उद्योगों में उत्पादन शुरू करने का प्रस्ताव दिया है। गोल्ड प्लस ग्लास इंडस्ट्री ने 600 करोड़ का निवेश कर दो हजार लोगों को रोजगार देने प्रस्ताव दिया। इसी तरह अन्य कंपनियों की तरफ से सरकार को बड़े निवेश के प्रस्ताव दिए गए।
कृषि व बागवानी में चार हजार करोड़ का निवेश
इंवेस्टर्स समिट के लिए कृषि, बागवानी, एरोमा, जड़ी-बूटी, चाय, रेशम सेक्टर में करीब चार हजार करोड़ निवेश के प्रस्ताव पर एमओयू किया है। इससे 20 हजार से अधिक लोगों को प्रत्यक्ष व अप्रत्यक्ष रूप से रोजगार मिलने की संभावना है। इसमें अडानी ग्रुप ने फूड प्रोसेसिंग सेक्टर में एक हजार करोड़ का निवेश करने पर सहमति दी है। इसके साथ ही इसेंसियल ऑयल एसोसिएशन आफ इंडिया, सुगंध व्यापार संघ, रूसान फार्मा लिमिटेड के साथ एरोमा में निवेश पर एमओयू किया गया।
पर्यटन सेक्टर में 25 हजार को मिलेगा रोजगार
पर्यटन क्षेत्र में निवेश के लिए सरकार ने करीब 13 हजार करोड़ के निवेश प्रस्ताव पर करार किया है। इससे प्रदेश में 25 हजार लोगों को रोजगार मिलने की संभावना है।
विरासत होटल, योगा, आयुर्वेद, प्राकृतिक चिकित्सा रिजार्ट, स्पा और स्वास्थ्य, आरोग्य रिजार्ट, पर्यटन ग्राम, इको लॉजेज, स्थानीय व्यंजन रेस्तरां, निजी पार्किंग स्थल, मनोरंजन पार्क, एमआईसीई कन्वेंशन सेंटर, ग्रामीण व सांस्कृतिक पर्यटन, साउंड, लाइट शो, लेजर शो, ट्रैकिंग, रॉक क्लाइबिंग, वाटर स्पोर्ट्स, नौकायन, स्केटिंग, फिशिंग, ऐरो स्पोर्ट्स, रोपवे, हाउस बोट, वाटर स्पोर्ट्स, क्रूज बोट्स आदि गतिविधियों में रोजगार के नए अवसर सृजित होंगे।
ऊर्जा क्षेत्र में 27 हजार 570 करोड़ का निवेश
इंवेस्टर्स समिट के जरिये प्रदेश सरकार ने नामी कंपनियों के साथ ऊर्जा सेक्टर में 27 हजार 570 करोड़ के निवेश प्रस्ताव पर एमओयू किया है। जिसमें 10 हजार से अधिक लोगों को प्रत्यक्ष रूप से रोजगार मिलने की संभावना है।
अब तक जिलों में निवेश प्रस्ताव पर एमओयू का ब्यौरा
जिला प्रस्ताव पर एमओयू निवेश(करोड़ रुपये में) रोजगार की संभावना
हरिद्वार 30 358.61 3714
नैनीताल 31 240.59 814
टिहरी 17 171 988
ऊधमसिंह नगर 33 137.72 1059
पौड़ी 38 117.78 1450
अल्मोड़ा 18 64 250
चमोली 20 63.5 150
देहरादून 29 55.66 700
रुद्रप्रयाग 14 25 110
चंपावत 19 19 130
पिथौरागढ़ 11 11.87 71
बागेश्वर 4 10.25 70
उत्तरकाशी 11 15 120