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उत्तराखंडी एनआरआई के बैंक खातों की जांच शुरू
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देहरादून। दूसरे देशों में रहने वाले उत्तराखंडियों के खातों की जांच आयकर विभाग ने शुरू कर दी है। आयकर की अंतरराष्ट्रीय कर शाखा ने सभी बैंकों से ऐसे खातों का ब्यौरा मांगा है। साथ ही उनके आईटीआर की भी जांच की जा रही है।
आयकर अधिनियम के तहत देश से 180 दिन तक लगातार विदेश में रहने वाले लोग एनआरआई की श्रेणी में आते हैं। ऐसे एनआरआई की भारत में जो भी कमाई होगी, उसकी जांच अंतरराष्ट्रीय कर शाखा करती है। इसमें उनकी प्रॉपर्टी खरीद-फरोख्त से लेकर किसी भी बिजनेस से होने वाली आय शामिल है। अंतरराष्ट्रीय कर विभाग की असिस्टेंट कमिश्नर अमनदीप कौर ने बताया कि सभी एनआरआई के भारतीय खातों की जांच की जा रही है। यह देखा जा रहा है कि जो लेनदेन हुआ है, क्या उन्होंने इनकम टैक्स रिटर्न (आईटीआर) में उसका जिक्र किया है या नहीं? साथ ही नोटबंदी के दौरान हुए लेनदेन की भी जांच चल रही है। कुछ एनआरआई के खाते चिह्नित हुए हैं। इन खातों में नोटबंदी के दौरान आठ से दस लाख रुपये जमा किए गए हैं। ऐसे लोगों को नोटिस जारी कर पूछताछ की जा रही है। उन्होंने बताया कि कोई एनआरआई विदेश में जो भी कमाई करता है, वह आयकर के दायरे में नहीं आता। केवल देश के भीतर होने वाली उनकी कॉमर्शियल एक्टिविटी ही टैक्स के दायरे में आती है।
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आयकर अधिनियम के तहत देश से 180 दिन तक लगातार विदेश में रहने वाले लोग एनआरआई की श्रेणी में आते हैं। ऐसे एनआरआई की भारत में जो भी कमाई होगी, उसकी जांच अंतरराष्ट्रीय कर शाखा करती है। इसमें उनकी प्रॉपर्टी खरीद-फरोख्त से लेकर किसी भी बिजनेस से होने वाली आय शामिल है। अंतरराष्ट्रीय कर विभाग की असिस्टेंट कमिश्नर अमनदीप कौर ने बताया कि सभी एनआरआई के भारतीय खातों की जांच की जा रही है। यह देखा जा रहा है कि जो लेनदेन हुआ है, क्या उन्होंने इनकम टैक्स रिटर्न (आईटीआर) में उसका जिक्र किया है या नहीं? साथ ही नोटबंदी के दौरान हुए लेनदेन की भी जांच चल रही है। कुछ एनआरआई के खाते चिह्नित हुए हैं। इन खातों में नोटबंदी के दौरान आठ से दस लाख रुपये जमा किए गए हैं। ऐसे लोगों को नोटिस जारी कर पूछताछ की जा रही है। उन्होंने बताया कि कोई एनआरआई विदेश में जो भी कमाई करता है, वह आयकर के दायरे में नहीं आता। केवल देश के भीतर होने वाली उनकी कॉमर्शियल एक्टिविटी ही टैक्स के दायरे में आती है।
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