अंतरराष्ट्रीय योग महोत्सव: विश्व के 70 देशों के 1100 योग साधकों के समक्ष हुआ आगाज
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
शरीर को ऊर्जावान बनाए रखने के लिए योग जरूरी है। योग को जानने के लिए ही तीर्थनगरी में देश-विदेश से योग जिज्ञासु पहुंचे हैं। यह बात पर्यटन मंत्री सतपाल महाराज ने कही। शुक्रवार को परमार्थ निकेतन में 30वें अंतरराष्ट्रीय योग महोत्सव का शुभारंभ हो गया। महोत्सव का उद्घाटन पर्यटन मंत्री सतपाल महाराज, वन व आयुष मंत्री हरक सिंह रावत, परमार्थ निकेतन के परमाध्यक्ष स्वामी चिदांनद सरस्वती, जीवा की अंतरराष्ट्रीय अध्यक्ष भगवती सरस्वती, अमेरिका से आए राधानाथ स्वामी, जर्मनी व कोलंबिया से पहुंचे स्वामी परमाद्वैति ने दीप प्रज्ज्वलित कर किया।
इस दौरान परमार्थ निकेतन के परमाध्यक्ष स्वामी चिदांनद ने अंतरराष्ट्रीय योग महोत्सव को देश के वीर सैनिकों को समर्पित करते हुए उनके जज्बे को नमन किया। अंतरराष्ट्रीय योग महोत्सव में विश्व के 70 देशों से करीब 1100 से अधिक योग जिज्ञासुओं, योगाचार्यों, योग प्रशिक्षुओं को संबोधित करते हुए पर्यटन मंत्री ने कहा कि योग से हमें मानसिक शांति मिलती है। वन व आयुष मंत्री हरक सिंह रावत ने महोत्सव में पहुंचे देश व विदेशी डेलीगेट्स का स्वागत किया। उन्होंने कहा कि आज योग ऋषिकेश से निकलकर पूरी दुनिया में व्याप्त हो चुका है। इस दौरान वाटॅर ब्लेसिंग सेरेमनी के जरिये पर्यावरण संरक्षण का संदेश दिया गया। स्वामी चिदानंद सरस्वती ने पर्यटन मंत्री सतपाल महाराज, वन व आयुष मंत्री हरक सिंह रावत को रुद्राक्ष का पौधा भेंट किया।
आनंद का उत्सव है योग महोत्सव: साध्वी भगवती
अंतरराष्ट्रीय योग महोत्सव की निदेशक साध्वी भगवती सरस्वती ने कहा कि हम गंगा के तट पर आज डिवाइन दर्शन, योग दर्शन और वसुधैव कुटुम्बकम का प्रत्यक्ष दर्शन कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि योग महोत्सव के जरिये हमें अतुल्य विश्व के दर्शन करने का मौका मिल रहा है। योग महोत्सव, आनंद का उत्सव है। योग के माध्यम से हम आतंकवाद, जलवायु परिवर्तन, और विश्व में व्याप्त सभी समस्याओं को हल कर सकते हैं।
दो सत्रों में हुई योग की क्रियाएं
अंतरराष्ट्रीय योग महोत्सव के पहले दिन प्रात: काल छह बजे योगाचार्य डॉ. इंदु शर्मा के नेतृत्व में पारंपरिक हठ योगासन, योगाचार्य संदीप देसाई ने चेन ताई ची, मुंबई से आई योगाचार्य दीपिका मेहता ने नाद योग संगीत के माध्यम से अष्टांग योग, हार्ट ऑफ साउंड योग की संस्थापक अमेरिका की आनंद्रा जॉर्ज ने ध्यान साधना, योगाचार्य आनंद मेहरोत्रा ने जागृत शिव साधना, योगाचार्य गैब्रिएला बोजिका ने लीडिंग लाइव्स ऑफ पर्पस, योगाचार्य साध्वी आभा सरस्वती व अन्य योगाचार्यों ने अनेक नवोदित योगाभ्यास योग जिज्ञासुओं को कराए। वहीं, दोपहर के सत्र में इंग्लैंड की योगचार्य पाउला तापिया ने चिकित्सीय योग प्रवाह, अमेरिका के टॉमी रोजन ने द मेडिटेटिव हार्ट, संजय हॉल ने गोंग बाथ हीलिंग जर्नी योगाचार्य शॉन कॉर्न ने आध्यात्मिक दृष्टिकोण से हृदय को जागृत कराने का प्रशिक्षण दिया।