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विश्व योग दिवस पर किशोरों-युवाओं ने सीखा सैनिक योग

Wed, 21 Jun 2017 09:32 PM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, देहरादून
ब्यूरो/अमर उजाला, देहरादून Updated Wed, 21 Jun 2017 09:32 PM IST
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international yoga day youth learnt sainik yoga
international yoga day - फोटो : amarujala

विश्व योग दिवस के मौके पर सैकड़ो किशोरों व युवाओं ने सैनिक योग किया। इस मौके पर उन्होंने भारत को परम वैभव तक पहुंचाने की शपथ ली। 

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सुभाष मार्ग स्थित लार्ड वेंकटेश्वरा कल्याण मंडपम में फैंस ऑफ फ्यूचर द्वारा आयोजित सैन्य योग कार्यक्रम में लोगों ने प्राचीन ज्ञान को व्यवहारिक तौर पर जाना। मुख्य योग शिक्षिका चंद्राणी मोना सिन्हा ने उपस्थित लोगों को योग व प्राणायाम कराया। 
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मुख्य अतिथि पूर्व सांसद तरुण विजय ने कहा योग दुनिया को भारत की महान व अमूल्य देन है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के प्रयासों के कारण ही दुनिया के 137 देशों में योग समारोह का आयोजन हो रहा है। विश्व ने योग के महत्व को स्वीकार कर लिया है। इस्लामी देशों में भी योग प्राणायाम को जन जन स्वीकार कर रहा है। जो युवा सैन्य सेवा का हिस्सा बनना चाहते हैं वे योग कर निश्चित तौर पर सफलता पा सकेंगे। 
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मुख्य वक्ता श्री रामकृष्ण आश्रम के वरिष्ठ सन्यासी स्वामी सर्वांगानंद जी महाराज ने कहा कि योग व प्राणायाम के माध्यम से युवा सफलता हासिल कर सकते हैं। युवाओं को साहस, ऊर्जा व परिश्रम पर्याय होना होगा।

भारत को परम वैभव तक पहुंचाने का लक्ष्य सबसे ऊंचा है। जो सपना स्वामी विवेकानंद ने दिखाया था उसको सामने रखकर काम करने की दरकार है। इस मौके पर उनके द्वारा ध्यान कराया गया। 

भारत माता के सेवक बनना चाहतें उत्तरपूर्व के किशोर

international yoga day youth learnt sainik yoga
international yoga day - फोटो : amarujala

भारतीय जनजातीय सूचना विद्या संस्थान, झाझरा के बीस से अधिक छात्रों ने भी योग, प्राणायाम व ध्यान सीखा। मिजोरम व अरुणाचल के ये छात्र चकमा व अरुणाचली समुदाय से ताल्लुक रखते हैं।

ये सभी किशोर सेना, चिकित्सा, पुलिस, प्रशासनिक सेवा का अंग बनने के साथ ही वैज्ञानिक व उद्यमी बनने के भी ख्वाहिशमंद हैं। इनमें से अधिकतर बौद्ध हैं और भारत माता के लिए जीना मरना चाहते हैं। ये सभी गोहत्या के पूरी तरह खिलाफ हैं। इनका कहना है कि उत्तपूर्व में कुछ समुदाय ही गोमांस खाते हैं जबकि दुष्प्रचार किया जाता है कि सभी जनजातियां गोमंस खाती हैं।  

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