अंतरराष्ट्रीय योग दिवस 2020 : उत्तराखंड में मंत्री से लेकर आम जनता तक, सबने घर पर किया योग
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अंतरराष्ट्रीय योग दिवस पर रविवार को भाजपा के सभी सांसद, विधायक, प्रदेश पदाधिकारी व कार्यकर्ताओं ने अपने घरों में परिवार के लोगों संग ही योगाभ्यास किया। पार्टी के केंद्रीय नेतृत्व की ओर से इस संबंध में पहले ही आह्वान कर दिया गया था।
इस दौरान लोगों ने कोविड-19 की रोकथाम के लिए सामाजिक दूरी का भी पालन किया। प्रदेश में गढ़वाल से लेकर कुमाऊं तक लोगों ने अपने घर पर ही योग कर निरोग रहने का संदेश दिया। मंत्री मदन कौशिक ने अपने हरिद्वार स्थित आवास पर परिवार संग योग किया।
वहीं, अंतरराष्ट्रीय योग दिवस पर चमोली जिले से लगे सीमा क्षेत्र में 14000 फिट की उच्चाई पर हिमवीरों ने भी योग किया। औली भारतीय पर्वतारोहण एवं स्कीइग संस्थान आईटीबीपी के जवानों ने ग्लेशियर पॉइंट वसुधारा में योग किया। इन दिनों वसुधारा का तापमान माइन्स जीरो डिग्री है। लेकिन इसके बाद भी जवानों ने विभिन्न योगाभ्यास किए।
उत्तराखंड में आयुष विभाग में अलग से बनेगा योग का ढांचा
उत्तराखंड ने योग में अपनी एक अंतरराष्ट्रीय पहचान बनाई है। तीर्थ नगरी ऋषिकेश योग कैपिटल के रूप में जानी जाती है। लेकिन प्रदेश के सरकारी सिस्टम में अन्य विभागों की तरह योग के लिए कोई ढांचा नहीं है। अब आयुष विभाग आयुर्वेद, यूनानी, होम्योपैथिक चिकित्सा की तर्ज योग का अलग ढांचा बनाने का प्रस्ताव तैयार कर रहा है।
उत्तराखंड को पहली बार 21 जून 2018 को चौथे अंतरराष्ट्रीय योग दिवस की मेजबानी करने का मौका मिला था। इससे उत्तराखंड को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर एक पहचान मिली थी। आयुष और पर्यटन विभाग के सहयोग से प्रदेश में हर साल योग दिवस मनाया जाता है। लेकिन योग को बढ़ावा देने के लिए सरकारी सिस्टम में अलग से ढांचा नहीं है। योग भी आयुष चिकित्सा का ही एक अंग है।
अपर सचिव एवं निदेशक आयुर्वेद आनंद स्वरूप का कहना है कि आयुष विभाग के अधीन अभी तक आयुर्वेद, यूनानी और होम्योपैथिक चिकित्सा का ढांचा है। इसी तर्ज पर योग के लिए एक अलग ढांचा बनाने का प्रस्ताव तैयार किया जा रहा है।