मजदूर दिवस : उत्तराखंड के इस जिले में हैं सबसे ज्यादा घरेलू श्रमिक, पढ़िए चौंकानी वाली रिपोर्ट
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अंतराष्ट्रीय मजदूर दिवस यानी मई दिवस पर जानिए उत्तराखंड के मजदूरों का हाल। आगे पढ़िए...घरेलू श्रमिकों के चिन्हीकरण के लिए चल रहे सर्वे के पहले चरण में श्रम विभाग ने राज्य भर में 1400 घरेलू श्रमिक चिह्नित किए हैं।
अल्मोड़ा में सबसे ज्यादा 243 और रुद्रप्रयाग में सबसे कम सात घरेलू नौकर चिह्नित किए गए हैं। नैनीताल जिले में यह संख्या 120 है। यह सर्वे रिपोर्ट राज्य सरकार की ओर से सुप्रीम कोर्ट में दाखिल की जानी है।
असंगठित कर्मकार सामाजिक सुरक्षा कानून 2008 के हिसाब से राज्य सरकारों को भी अपने यहां असंगठित कर्मकारों की सामाजिक सुरक्षा कानून लागू करने की व्यवस्था करनी थी। राज्य सरकार ने इस ओर कोई तवज्जो नहीं दी। इस कानून के दायरे में घरों में काम करने वाले श्रमिकों को रखा गया था।
पहले होगा पंजीकरण, फिर लाभ
इधर, इस मामले को लेकर राज्य सरकार की नींद तब टूटी कि जब सुप्रीम कोर्ट में जनहित याचिका दायर हुई। सुप्रीम कोर्ट ने सभी राज्य सरकारों से असंगठित कर्मकार सामाजिक सुरक्षा कानून 2008 के तहत अब तक की गई कार्रवाई की रिपोर्ट मांगी है। इस वजह से घरेलू श्रमिकों को चिन्हित करने को सर्वे किया गया है। उपश्रमायुक्त अनिल पेटवाल ने बताया कि प्रथम चरण के सर्वे का पूरा खाका तैयार कर शासन को भेजा गया है।
पहले होगा पंजीकरण, फिर लाभ
असंगठित कर्मकार सामाजिक सुरक्षा कानून 2008 के अंतर्गत घरेलू कर्मचारियों का पंजीयन जिला प्रशासन द्वारा नामित अधिकारी के यहां होगा। पंजीकृत श्रमिकों को कल्याणकारी योजनाओं का लाभ मिलेगा। इसके लिए राज्य स्तरीय श्रम कर्मकार कल्याण बोर्ड भी है जिसके अध्यक्ष श्रम मंत्री हैं।
किस जिले में कितने घरेलू श्रमिक
किस जिले में कितने घरेलू श्रमिक
जनपद संख्या
नैनीताल 120
ऊधमसिंह नगर 193
अल्मोड़ा 243
चंपावत 190
बागेश्वर 29
पिथौरागढ़ 115
देहरादून 123
हरिद्वार 81
चमोली 11
उत्तरकाशी 35
रुद्रप्रयाग 07
टिहरी गढ़वाल 27
पौड़ी गढ़वाल 226