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अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस: लोकनृत्य से संजोई कुमाऊं की संस्कृति, कर रही संस्कृति और कला का संरक्षण
Sat, 06 Mar 2021 09:57 PM IST
Nirmala Suyal Nirmala Suyal
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, बागेश्वर
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, बागेश्वर
Published by: Nirmala Suyal Nirmala Suyal
Updated Sat, 06 Mar 2021 09:57 PM IST
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लोक नृत्य
- फोटो : अमर उजाला फाइल फोटो
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कुमाऊं की संस्कृति के संरक्षण के लिए भागीरथी की रहने वाली नेहा बघरी भी अपने स्तर से प्रयासरत हैं। नेहा ने इसके लिए नृत्य का सहारा लिया और इसके ही माध्यम से संस्कृति और कला के संरक्षण का कार्य कर रही हैं। बालिकाओं को कुमाऊंनी, गढ़वाली और जौनसारी नृत्य की बारीकियां सिखाने के साथ झोड़ा, चांचरी और छपेली का भी संरक्षण कर रही हैं।
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नेहा बघरी का जन्म कपकोट तहसील के पुड़कूनी गांव में हुआ था। स्कूली पढ़ाई के दौरान ही उनका रुझान नृत्य की ओर रहा। परिजनों ने बेटी के शौक को पहचाना और उसे आगे बढ़ाने में मदद की। नृत्य सीखने के लिए वह बागेश्वर से अल्मोड़ा जाया करती थीं। उन्होंने कत्थक में भातखंडे अल्मोड़ा से जूनियर डिप्लोमा, प्रयाग संगीत समिति इलाहाबाद से सीनियर डिप्लोमा और विशारद हासिल की।
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शिक्षा पूरी करने के बाद उन्होंने नेहा डांस अकादमी नामक प्रशिक्षण संस्थान खोला, जिसके माध्यम से वह बच्चों को नृत्य के गुर सिखा रही हैं। उनसे प्रशिक्षण ले चुकीं कामाक्षी चौधरी, कल्पना कालाकोटी, नेहा गढ़िया, प्रार्थना बिष्ट राष्ट्रीय स्तर की प्रतियोगिताओं में भागीदारी कर चुकी हैं।
केवल बालिकाओं को देती हैं प्रशिक्षण
नृत्यांगना नेहा की प्रशिक्षण अकादमी में केवल बालिकाओं को प्रशिक्षण दिया जाता है। इसके पीछे उनका तर्क है कि समाज में बालिकाओं पर तमाम तरह की बंदिशें लगाई जाती रही हैं। उन्होंने स्वयं मुश्किल हालात का सामना करके नृत्य सीखा है। इस वजह से वह केवल बेटियों को नृत्य सिखाकर उन्हें संस्कृति और कला संरक्षण का वाहक बनाने पर जोर दे रही हैं। हालांकि उन्होंने 50 महिलाओं को भी कुमाऊंनी, गढ़वाली नृत्य का प्रशिक्षण देकर सांस्कृतिक विरासत को बचाने के लिए प्रेरित किया है।
लखनऊ में बिखेरी कुमाऊंनी संस्कृति की छटा
नेहा की टीम ने लखनऊ में 2017 आयोजित उत्तराखंड महोत्सव में भागीदारी कर पहला स्थान प्राप्त किया था। मंच पर उनके माध्यम से प्रस्तुत कुमाऊंनी लोकनृत्य को निर्णायकों और दर्शकों की जमकर सराहना मिली थी। श्रीनगर गढ़वाल में उनकी टीम को दूसरा स्थान प्राप्त हुआ था।