भारत-नेपाल सीमा पर बनेगी एकीकृत निरीक्षण चौकी, दोनों देशों में विकास की उम्मीद जगी
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सीमा से सटे नेपाल के कंचनपुर जिले के अंतर्गत दोधारा-चांदनी में प्रस्तावित सूखा बंदरगाह की निर्माण प्रक्रिया को गति मिलने की चर्चा के बीच भारत की ओर से भी अपने क्षेत्र में प्रस्तावित कार्य की तैयारियां शुरू हो गई हैं।
निरीक्षण चौकी के लिए रेंज के अंतर्गत आने वाली 25 हेक्टेअर भूमि के सर्वे के लिए जल्द ही प्राधिकरण की टीम यहां आएगी। इसकी अधिकृत सूचना स्थानीय अधिकारियों को मिल गई है।
बता दें कि सीमा से सटे नेपाल के दोधारा-चांदनी में प्रस्तावित ड्राई पोर्ट यानि सूखा बंदरगाह ने दोनों ओर के सीमांत क्षेत्र में विकास की उम्मीद जगा दी है। पूर्व में दोनों ओर के जनप्रतिनिधियों में नेपाल के सांसद डॉ. दीपक प्रकाश भट्ट, खटीमा विधायक पुष्कर सिंह धामी के बीच हुई वार्ता में सूखा बंदरगाह के निर्माण से दोनों ओर विकास की संभावनाएं जताई गई थीं।
बंदरगाह बनने पर भारत की ओर से व्यापार के लिए फोर लेन सड़क कनेक्टिविटी भी प्रस्तावित है। नेपाल की ओर से भी बंदरगाह निर्माण की प्रक्रिया तेज होने की चर्चा है। इन चर्चाओं से सीमांत के लोग काफी खुश थे, इस खुशी को उत्साह में बदला है भारत के गृह मंत्रालय के अंतर्गत आने वाले भूमि पत्तन प्राधिकरण की ओर से यहां सर्वे के लिए आने की खबर ने।
दिल्ली से प्राधिकरण के अधिकारियों ने दूरभाष पर संपर्क किया है। टीम जल्द भूमि का सर्वे करने के लिए आएगी। रेंज के दक्षिणी बनबसा कक्ष संख्या सात में वन भूमि का पूर्व में भी प्राधिकरण के सहायक अभियंता मनोज कुमार सिंह के नेतृत्व में एक दल निरीक्षण कर चुका है। इसमें पांच हेक्टेयर भूमि पर सड़क और 20 हेक्टेयर भूमि चौकी के लिए चयनित होनी है।
-बीएस बिष्ट, रेंजर खटीमा