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हिमालया आयुर्वेदिक मेडिकल कॉलेज के प्राचार्य को हाईकोर्ट में पेश होने के निर्देश
Fri, 21 Feb 2020 03:37 PM IST
Nirmala Suyal Nirmala Suyal
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नैनीताल
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नैनीताल
Published by: Nirmala Suyal Nirmala Suyal
Updated Fri, 21 Feb 2020 03:37 PM IST
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नैनीताल हाईकोर्ट ने प्रबंधन हिमालया आयुर्वेदिक मेडिकल कॉलेज देहरादून के बढ़ी हुई फीस वापस नहीं करने के मामले में दायर अवमानना याचिका पर सुनवाई के बाद कॉलेज के प्राचार्य अनिल कुमार झा को दो मार्च को कोर्ट में पेश होने के निर्देश दिए हैं। कोर्ट के पूछा है कि पूर्व आदेश का पालन नहीं करने पर क्यों न आपके खिलाफ अवमानना की कार्रवाई की जाए।
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न्यायमूर्ति शरद कुमार शर्मा की एकलपीठ के समक्ष मामले की सुनवाई हुई। मामले के अनुसार कॉलेज के छात्र मनीष कुमार व अन्य ने हाईकोर्ट में अवमानना याचिका दायर कर कहा था कि पूर्व में आयुर्वेदिक कॉलेजों से बीएएमएस कर रहे छात्रों ने हाईकोर्ट में याचिका दायर कर कहा था कि उत्तराखंड सरकार ने 14 अक्तूबर 2015 को शासनादेश जारी कर आयुर्वेदिक मेडिकल कॉलेजों की फीस 80 हजार से बढ़ाकर 2.15 लाख कर दी।
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हाईकोर्ट की एकलपीठ ने 9 जुलाई 2018 को शासनादेश को सुप्रीम कोर्ट के आदेशों के खिलाफ मानते हुए इसे निरस्त कर मेडिकल कॉलेज प्रबंधन को आदेश दिए कि वह छात्रों से ली गई बढ़ी हुई फीस उन्हें वापस करे। एकलपीठ के इस आदेश को आयुर्वेदिक मेडिकल कॉलेज एसोसिएशन ने हाईकोर्ट की खंडपीठ के सक्षम चुनौती दी।
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खंडपीठ ने एकलपीठ के आदेश को सही मानते हुए स्पेशल अपील को खारिज कर दिया था। अवमानना याचिका में कहा कि इसके बाद भी आयुर्वेदिक कॉलेजों ने यह फीस वापस नहीं की। पक्षों की सुनवाई के बाद हाईकोर्ट की एकलपीठ ने कॉलेज के प्राचार्य अनिल कुमार झा को दो मार्च को कोर्ट में पेश होने के आदेश दिए हैं।