{"_id":"5da6d7cd8ebc3e01622a34a1","slug":"instructions-to-notice-of-uttarakhand-former-cm-to-present-information-in-high-court","type":"story","status":"publish","title_hn":"उत्तराखंड के पूर्व मुख्यमंत्रियों को नोटिस तामिली की जानकारी हाईकोर्ट में पेश करने के निर्देश","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
उत्तराखंड के पूर्व मुख्यमंत्रियों को नोटिस तामिली की जानकारी हाईकोर्ट में पेश करने के निर्देश
Wed, 16 Oct 2019 02:12 PM IST
Nirmala Suyal Nirmala Suyal
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नैनीताल
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नैनीताल
Published by: Nirmala Suyal Nirmala Suyal
Updated Wed, 16 Oct 2019 02:12 PM IST
सार
- पूर्व मुख्यमंत्रियों की सुविधाओं पर खर्च की वसूली माफ करने का मामला
विज्ञापन
नैनीताल हाईकोर्ट
- फोटो : PTI
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विस्तार
हाईकोर्ट ने पूर्व मुख्यमंत्रियों से आवास भत्ता और अन्य सुविधाओं पर हुए खर्च को वसूल करने के उच्च न्यायालय के आदेश के बाद राज्य सरकार की ओर से इन खर्चों को माफ करने के लिए लाए गए अध्यादेश को चुनौती देने वाली जनहित याचिका पर मंगलवार को सुनवाई की। कोर्ट ने राज्य सरकार से कहा है कि अगर पूर्व मुख्यमंत्रियों को जारी नोटिस तामील हो गए हैं तो इसकी जानकारी शपथपत्र के माध्यम से 17 अक्तूबर को कोर्ट में पेश करें।
विज्ञापन
सुनवाई के दौरान राज्य सरकार की ओर से कोर्ट को अवगत कराया गया कि पूर्व मुख्यमंत्रियो को कोर्ट से जारी नोटिस की तामिली हो गई है। मुख्य न्यायाधीश रमेश रंगनाथन एवं न्यायमूर्ति आलोक कुमार वर्मा की खंडपीठ के समक्ष मामले की सुनवाई हुई।
विज्ञापन
मामले के अनुसार देहरादून की रुलक संस्था ने इस अध्यादेश के खिलाफ दायर जनहित याचिका में कहा था कि राज्य सरकार ने अपनी शक्ति का दुरुपयोग कर पूर्व मुख्यमंत्रियों को व्यक्तिगत लाभ और सेवाएं देने के लिए यह अध्यादेश पास किया है जो असांविधानिक है। याचिका में कहा कि सरकार ने यह अध्यादेश हाईकोर्ट के आदेश को ताक में रखकर पास किया है। हाईकोर्ट ने पूर्व मुख्यमंत्रियो से अभी तक का किराया व अन्य सुविधाओं की वसूली करने के आदेश दिए थे।
विज्ञापन