Uttarakhand: विद्यालय स्तर पर महिला प्रेरक समूहों के गठन के निर्देश, भूमिका को बनाया जाएगा और अधिक प्रभावी
राज्य परियोजना निदेशक झरना कमठान ने कहा कि 12 सदस्यीय समूह गठित किए जाएंगे। अभिभावकों विशेषकर महिलाओं की भूमिका को अधिक प्रभावी बनाने के लिए यह किया जाएगा।
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प्रदेश के राजकीय विद्यालयों में छात्र-छात्राओं के अभिभावकों विशेषकर महिलाओं की भूमिका को अधिक प्रभावी बनाने के लिए महिला प्रेरक समूहों का गठन किया जाएगा। समग्र शिक्षा की राज्य परियोजना निदेशक झरना कमठान ने इस बाबत अफसरों को निर्देश दिए।
निर्देश में कहा, विद्यालय प्रबंध समिति, विशेष आवश्यकता वाले बच्चों की माता, अनुसूचित जाति या अनुसूचित जनजाति वर्ग की महिला, महिला मंगल दल की सदस्य आदि महिलाओं को शामिल करते हुए 12 सदस्यीय समूह गठित होंगे।
महिला प्रेरक समूह ऐसे बच्चों को चिह्नित करेंगे, जिन्हें विद्यालय आने में किसी तरह की कठिनाई का सामना करना पड़ रहा है। उनकी समस्या के निपटारे के लिए समूह प्रयास करेंगे, जो स्कूल स्तर पर स्वास्थ्य एवं स्वच्छता कार्यशालाओं के आयोजन, विद्यालय में अध्ययनरत बालिकाओं में नेतृत्व क्षमता व कौशल विकास संबंधी कार्यक्रम कराएंगे।
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इसके अलावा बालक, बालिका में अंतर की विचारधारा को समाप्त करने संबंधी अभिमुखीकरण कार्यक्रम, बालिकाओं में पोषण और जन्म नियंत्रण से संबंधित नजदीकी प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र में कार्यरत एएनएम की सहायता से कार्यक्रमों का आयोजन कराएंगे। बताया, महिला प्रेरक समूह माह के अंतिम शनिवार को विद्यालय स्तर पर प्रतिभा दिवस में बालक, बालिकाओं के लिए सपनों की उड़ान सहित कई कार्यक्रमों में सहयोग करेंगे।